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कैसे जुड़ें संस्था से?
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'सृजन-सम्मान'
बहुआयामी सांस्कृतिक संस्था है । इससे समानधर्मा
साहित्यकार और रचनाकार, कलाकार कोई भी किसी भी समय जुड़ सकता
है। इसकी इकाईयाँ वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य के सभी जिला
मुख्यालयों, कुछ तहसीलों में कार्यरत हैं । अन्य राज्यों जैसे
मध्यप्रदेश, हरियाणा और उड़ीसा में संस्था की प्रादेशिक
इकाईयां कार्यरत हैं । अन्य राज्यों में इसका विस्तार लगातार
हो रहा है । सांस्कृतिक एवं साहित्यिक अभिरूचि संपन्न व इच्छुक
व्यक्ति स्वयंसेवी भाव से इस संस्था की इकाई अपने राज्य, जिला,
तहसील या स्थानीय स्तर पर गठित कर सकते हैं ।
सृजन-सम्मान से जुड़ने के लाभ?
नवोदित रचनाकारों को प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन ।
संस्था की सहयोगी पत्र-पत्रिकाओं में रचना प्रकाशन ।
पदाधिकारियों की रचनाओं का व्यापक प्रकाशन हेतु फीचर्स की
उपलब्धता ।
वैश्विक वेबसाइटों में रचनाओं के प्रकाशन हेतु व्यवस्था एवं
सहयोग ।
संस्था की नवगठित इकाइयों को संस्था की किताबें चर्चा हेतु
उपलब्ध ।
चयनित पांडुलिपि के प्रकाशन हेतु संस्था द्वारा सहयोग राशि की
व्यवस्था ।
सस्ती दरों पर पुस्तक प्रकाशन हेतु वांछित सहयोग ।
प्रतिवर्ष आयोजित अ.भा.साहित्यमहोत्सव में उत्कृष्ठता के आधार
पर सम्मान।
अ.भा.साहित्यमहोत्सव प्रतिभागिता का अवसर प्रदान करना ।
देश-विदेश के साहित्य सम्मेलनों में प्रतिभागिता हेतु अवसर
उपलब्ध कराना।
पंजीकृत संस्था से संबंद्धता ।
सृजन-सम्मान की इकाई की स्थापना एवं
संचालन कैसे?
कुछ रचनाकार मिलकर पहले निर्णय ले लेंवे ।
योग्यता, वरिष्ठता एवं अनुभव के आधार पर पदाधिकारियों का चयन
कर लेंवे ।
संस्था में कार्यकारी अध्यक्ष, 2 उपाध्यक्ष, 1 महासचिव, 12
कार्यकारिणी सदस्य होंगें ।
इकाई में महिला रचनाकारों को अवश्य प्रोत्साहित कर रखा जाय ।
इस सूची के साथ सादे कागज या ई-मेल में आवेदन कर सकते हैं ।
केंद्रीय इकाई से संबंद्धता हेतु कोई शुल्क आवश्यक नहीं है ।
केंद्रीय इकाई नयी इकाई को मान्यता देते हुए विधिवत पत्र
जारी कर सकेगी ।
नवगठित इकाई सदस्यता शुल्क का निर्धारण स्वंय कर सकती है ।
सदस्यता शुल्क का व्यय स्थानीय आयोजन में किया जा सकता है ।
गतिविधियों की जानकारी केंद्रीय इकाई को यथासमय दी जा सकती है
।
नवगठित इकाईयों के क्रियाकलाप
क्या-क्या होंगे?
प्रतिमाह एक बैठक न्यूनतम करना होगा ।
नये रचनाकारों को जोड़कर उन्हें हिंदी में रचनात्मक लेखन हेतु
समुचित मार्गदर्शन।
पैनल बनाकर क्रमशः कवि गोष्ठी, चर्चा गोष्ठी, पुस्तक चर्चा,
परिसंवाद का आयोजन
देश के सांस्कृतिक, भौतिक, सामाजिक विकास हेतु सामयिक
परिचर्चायें ।
स्थानीय आधार पर हिंदी संस्कृति के लिए प्रतियोगिता आदि का
आयोजन ।
एकल रचना पाठ, व्याख्यान, आलेख पठन आदि का आयोजन ।
पुरस्कार हेतु उत्कृष्ट रचनाकारों की वांछित संस्तुति केंद्रीय
इकाई को करना ।
केंद्रीय इकाई के वार्षिक आयोजन- साहित्य महोत्सव में
भागिदारिता ।
समाज समग्र विकास हेतु सभी संभावित एवं समाज स्वीकृत
क्रियाकलापें ।
देश के समग्र विकास के सभी बाधक तत्वों का रचनात्मक प्रतिरोध ।
हिंदी सहित स्थानीय लोकभाषाओं के सरंक्षण के सर्वसंभावित
प्रयास ।
भावी पीढ़ी में हिदीं संस्कृति के प्रति रागात्मक अनुराग हेतु
वांछित कदम उठाना ।
कला, संगीत, संस्कृति के विविध घटकों से जुड़े लोगों को मंच
उपलब्ध कराना ।
हिंदी सहित मातृभाषा की शिक्षा हेतु लेखकीय पहल एवं वातावरण
निर्माण करना।
संस्था की गतिविधियों का व्यापक प्रचार प्रसार से सांस्कृतिक
माहौल का निर्माण।
रचनाकारों की वरिष्ठ पीढ़ी के संरक्षण में सीखने के माहौल का
निर्माण ।
मानव मूल्य विरोधी सभी अपसंस्कृतियों का रचनात्मक विरोध ।
नयी पीढ़ी/छात्र-छात्राओं में हिंदी
सहित स्थानीय भाषा-शिक्षा हेतु रूझान निर्माण।
अन्य गतिविधियों का संचालन जिसे स्थानीय इकाई उचित और जरूरी
समझें ।
इकाई गठन हेतु किस-किस से संपर्क कर
सकते हैं?
श्री सत्यनारायण शर्मा
विधायक व
पूर्व मंत्री एवं केंद्रीय अध्यक्ष, सृजन-सम्मान
बाँसटाल, रायपुर, छत्तीसगढ़
मोबाइल नं. -
94252-40000
श्री राम पटवा
महासचिव, सृजन-सम्मान,
श्रीराम कॉलोनी,
मोबाइल नं.-
98271-79294
डॉ. सुधीर शर्मा
राष्ट्रीय संयोजक, सृजन-सम्मान
वैभव प्रकाशन, पुरानी बस्ती, रायपुर, छत्तीसगढ़
मोबाइल
नं.-94253-58748
चेतन भारती
कोषाध्यक्ष,
सृजन-सम्मान
छत्तीसगढ़ राज्य
प्रशासनिक अकादमी कार्यालय
मंत्रालय, रायपुर,
छत्तीसगढ़
मोबाइल नं. -
98279-57056
कार्यालय सचिव
एफ-3, छ.ग.माध्यमिक
शिक्षा मंडल,
आवासीय कॉलोनी,
पेंशन वाड़ा, रायपुर,
छत्तीसगढ़, पिन -
492001
दूरभाष -
94242-82664
ई-मेल द्वारा संपर्कः-
srijansamman@gmail.com
या
rathjayprakash@gmail.com
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