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सृजन-सम्मान
का मतलब
सृजनात्मकता और मौलिक लेखन उच्चतम साधना
है। इसी साधना को
अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए बहुआयामी सांस्कृतिक संस्था
‘सृजन-सम्मान’
का गठन किया गया है । सृजन-सम्मान इन कठिन लक्ष्यों के लिए
स्वयंसेवी भाव से जुड़ने वाले रचनाकारों का अखिल भारतीय संगठन
है । यह आम लेखक संगठनों जैसा नहीं अपितु साहित्य के सच्चे
मूल्यों और सरोकारों के प्रति कटिबद्ध संस्था है जिसकी इकाईयाँ
कई राज्यों में हैं । संस्था की स्थापना छत्तीसगढ़ राज्य
निर्माण के कुशल शिल्पी, विचारक, इतिहासविद्,
स्वतंत्रतासंग्राम सेनानी और साहित्यकार स्व.हरि ठाकुर ने 1995
में की थी । इसमें शिक्षाविद् एवं युवा रचनाकार जयप्रकाश मानस
की महती भूमिका रही है । यह संगठन सभी प्रकार के भेदभावों के
विरूद्ध निष्ठावान लोगों को लेकर लगातार आगे बढ़ती जा रही है।
साहित्य और संस्कृति कर्मों में माफिया के बढ़ते हस्तक्षेप के
विरूद्ध भी यह संगठन एक सार्थक जबाब है जहाँ संपूर्ण निर्मलता
के साथ निरंतर सक्रियता को बल दिया जाता है । ऐसे रचनाकार जो
बिना किसी प्रोत्साहन और सामाजिक समर्थन के समय के गर्त में
चले जाते हैं उनके लिए यह संस्था सदैव आगे बढ़कर हाथ थामती है
। हिंदी की संस्कृति के संवर्धन में संपूर्ण आस्था संगठन का
मूल ध्येय है ।

सृजन-सम्मान,
भारत द्वारा रचनाकारों से
प्रविष्टियाँ आमंत्रित
छत्तीसगढ राज्य की बहुआयामी सांस्कृतिक संस्था
“सृजन-सम्मान
”
की प्रादेशिक कार्यालय द्वारा साहित्य,
संस्कृति,
भाषा एवं शिक्षा
की विभिन्न 28
विधाओं में प्रतिष्ठित रचनाकारों को पिछले
6
वर्षों से प्रतिवर्ष
दिये जाने वाले सम्मान हेतु प्रविष्टियाँ आमंत्रित की जा रही
हैं ।
प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि
30
सितंबर 2007
है।

आखिर
क्यों जुड़े सृजन-सम्मान से ?
यदि आप चाहते हैं
कि
आपके आसपास के रचनाकारों को प्रोत्साहन मिले । उन्हें व्यापक प्रकाशन
का अवसर मिले । उनकी किताबों पर चर्चा हो । उन्हें
वैश्विक वेबसाइटों में रचनाओं के प्रकाशन हेतु व्यवस्था एवं
सहयोग का वातावरण मिले ।
संस्था की सभी इकाइयों में उनकी कृतियों पर चर्चा हो । उनकी
चयनित पांडुलिपि के प्रकाशन हेतु संस्था द्वारा सहयोग मिले ।
प्रतिवर्ष आयोजित अ.भा.साहित्यमहोत्सव में उत्कृष्ठता के आधार
पर सम्मान सही साधकों को आपकी अनुशंसा से ही मिले । इतना ही आप
साहित्य के तमाम कृष्णपक्षीय दुष्प्रवृतियों से बचाने के लिए
कुछ करना चाहते हैं हम आपका ही रास्ता देख रहे हैं ।

हमारा
पता है
सृजन-सम्मान
एफ-3, छत्तीसगढ़
माध्यमिक शिक्षा मंडल
आवासीय परिसर,
विवेकानंद नगर,
रायपुर,
छत्तीसगढ़
E-mail :
srijansamman@gmail.com
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