( छत्तीसगढ़ राज्य की बहुआयामी सांस्कृतिक संस्था )

 संस्थापक- हरि ठाकुर                      पंजीयन - 312/छ.ग.राज्य                    स्थापना-1995    

।। सृजन-सम्मान।।

रचनात्मक संस्कारों का अनुसमर्थन

   मुख्यालय - एफ- 3, बोर्ड कॉलोनी, पेंशनवाड़ा, विवेकानंद नगर, रायपुर, छत्तीसगढ़ - 492001 ई मेल- srijansamman@gmail.com

 

संस्थापक

 

 

उद्देश्य

 

संस्था का मूल मंत्र - रचनात्मक संस्कारों का अनुसमर्थन है । सबसे पहले मुख्यतः समाज में जागरुकता, शिक्षा, साक्षरता, वैज्ञानिक चेतना में गुणात्मक अभिवृद्दि के लिए में साहित्यकारों की भूमिका को लेकर संस्था का गठन किया गया था । व्यापक विचार-विमर्श के पश्चात संस्था के उद्देश्य तय किया गया जो इस प्रकार हैः-

 

रचनात्मक साहित्य और विविध विधाओं का प्रोत्साहन ।

रचनाकारों का मूल्याँकन, सम्मान एवं उन्हें प्रतिष्ठा की रक्षा करना ।

जीवन-मूल्यों की निरंतरता बनाये रखने वाले साहित्य का विकास ।

लोक भाषाओं का संरक्षण एवं संवर्धन ।

साहित्य को शिक्षा, सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता के लिए कारगर बनाना ।

नये प्रतिभाओं का मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन ।

विभिन्न विभूतियों के कृतित्व को समाज में स्थापित करना ।

राष्ट्रीय सरोकारों और मूल्यों का अनुसमर्थन ।

सामाजिक कुरीतियों के विरूद्ध रचनात्मक संघर्ष ।

संस्कृति के सभी घटकों को विकास के लिए सतत् प्रयास ।

आयातीत एवं आरोपित मूल्यों के प्रति जनता को आगाह करने के उपायों पर कार्य ।

 

उद्देश्य

निदेशक मंडल

इकाईयाँ

गतिविधियाँ

प्रकाशन

पुरस्कार

प्रविष्टि-आमंत्रण

प्रेस विज्ञप्ति

छायाचित्र

आनलाईनकिताबें

 विभूतियां

कैसे जूडें

संपर्क

 
 

वेबक्रिएशनः  प्रशांत रथ, कल्पना इंफोर्मेटिक्स, रायपुर, छत्तीसगढ़