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हिंदी की मिठास अब जर्मनी में गूंजेंगी |
फ़ैकफर्ट जर्मनी
। हिंदी की महक और उसकी ताजगी लेकर
पद्मश्री डॉ. लीलाधर जगूड़ी फ़ैकफर्ट जर्मनी रवाना हो रहे है।
डॉ. जगूड़ी के द्रीय साहित्य अकादमी के प्रतिनिधि बन कर
फ्रैंकफर्ट में आयोजित होने वाले विश्व पुस्तक मेले में न केवल
काव्य पाठ करेंगे बल्कि प्रख्यात विश्वविद्यालयों में हिंदी
कविताओं की स्थित एवं वर्तमान स्वरूप पर व्याख्यान देंगे । इस
वर्ष एक अक्टूबर से फ्रैक्फर्ट जर्मनी में आयोजित हो रहे विश्व
पुस्तक मेले का आयोजन भारत सरकार कर रही है। इस मेले के
अतंर्गत छह अक्टूबर को
‘एक
शाम भारतीय कविताओं के नाम’
का आयोजन किया जा रहा है। इसमें भारत की ओर से सबी भाषाओं के
प्रतिनिधि कवियों को काव्य पाठ के लिए चयनित किया गया है।
साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त कर चुके प्रख्यात साहित्यकार
डॉ. जगूड़ी को यह सौभाग्य प्राप्त हुआ है कि उन्हें हिंदी का
प्रतिनिधित्व करने के लिए जर्मनी भेजा जा रहा है। डॉ. जगूड़ी
के पुरस्कृत काव्य संग्रह
‘अनुभव
के आकाश में चाँद’
का अनुवाद जर्मनी के चर्चित लेखक डॉ. लोठार लूथसे और विष्णू
खरे ने किया है। पुस्तक मेले के दौरान मूल लेखक डॉ. जगूड़ी
अनुवादको के बीच कविताओ पर चर्चा की जाएगी ।

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