रचनात्मक संस्कारों का अनुसमर्थन

अंक - 12, मई, 2007

  संपादकीय कार्यालयः एफ-3, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, आवासीय कॉलोनी, रायपुर, 492001 ई-मेलः srijangatha@gmail.com

 

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बचपनहलचलविशेषांकसृजनधर्मीलेखकों सेसंपादक बनेंचतुर्दिकशेष-विशेषपुरातनअंकअभिमतमुख्यपृष्ठ

 

कविता

सृजनगाथा का एक साल

सहभागी लेखकों को बधाई

 कविता

 

वैयक्तिकता

कोपले फूटना चाहती है

वैयक्तिक्ता की

अखबार किताबें मर्चे व समीक्षाएँ

खबरे अभिप्राय की वर्षा

अकेले आदमी को

अकेले न होने का

अहसास दिलाते है

सब के सब

 

कैनवास या काँच के चुक्ड़ो पर

अकिंत दृश्य। चमकवे चेहरे

भावनाओं । सवेदनाओं के

उच्चतम शिखर तकक

किसी को रोकने  का

विशेषाधिकान नहीं हैं

आदमी को आदमी होने के

विशिष्ट अधिकार से

वचिंत नहीं है

 

वृद्धिजीवियों की अपलब्धियो से

ज्यादा मौलिक है

भीड़ से हटकर । आदमी का

आदमी होने का अहसास

रामसिंह करूणेश

233/ई.,रिसाली सेक्टर

 भिलाई नगर,  दुर्ग (छत्तीसगढ़.)

 

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  संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, कामिनी, प्रगति

तकनीकः प्रशांत रथ

 

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