चूरू।
प्रयास संस्थान द्वारा 28 अगस्त को आयोजित समारोह में वरिष्ठ कथाकार नासिरा शर्मा ने कवि हेमंत शेष को कविता पुस्तक ‘जगह जैसी जगह’ के लिए डॉ. घासीराम वर्मा साहित्य पुरस्कार-2010 प्रदान किया। उन्हें सम्मान पत्र, शॉल, साफा, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह व पाँच हज़ार एक सौ रुपए का चेक प्रदान किया।सम्मानित कवि हेमंत शेष ने कहा कि साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में जो कार्य हो रहा है, वह निश्चित रूप से किसी युद्ध, हिंसा, घृणा और राजनीति से महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि शब्द समूचे संसार का आधार है और वह समाज को नई शक्ति देता है। साहित्य इसलिए निर्विकल्प है क्योंकि हमारे लिए भाषा का कोई विकल्प नही और हमारी जिज्ञासाओं, चिंताओं, आशाओं, आशंकाओं और संभावनाओं का भी कोई विकल्प नहीं हैं। ये तमाम चीज़े हमारे मनुष्य होने के अहसास को और गहरा करती हैं। जब तक संसार में अच्छी चीज़ों की संभावनाएँ हैं, तब तक साहित्य की प्रासंगिकता बनी रहेगी।
समारोह के प्रधान वक्ता साहित्यकार गिरिराज किराड़ू ने पुरस्कृत पुस्तक पर टिप्पणी करते हुए कहा कि एक दुनिया है जो हमारे बीच से गायब हो रही है। शेष की कविता ऐसी चीज़ों की लंबी सूची बनाती है जो हमारे बीच से गायब होकर ‘था, थे, थी’ बनती जा रही हैं। उनकी कविता इस दुष्प्रचार का खंडन करती है कि आधुनिक कविता संवेदना और जीवन से कहीं दूर भटक रही है।
विशिष्ट अतिथि और आलोचक डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल ने कहा कि आयोजन की सफलता इस चिंता का खंडन करती है कि साहित्य की प्रासंगिकता ख़त्म हो गई है। आज़ादी के बाद एक बड़ी दुर्घटना हमारे साथ यह घटी कि हम प्रत्येक कार्य के लिए सरकार के मुखापेक्षी हो गए हैं लेकिन डॉ. घासीराम वर्मा जैसे लोग इस बात को झुठलाते हैं। मालचंद तिवाड़ी (बीकानेर) ने कहा कि हेमंत शेष की कविता की असली ताक़त उनकी भाषा है। वे विषयों, प्रतीति और अनुभूति के हिसाब से वे उच्च स्तर के कवि हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी अच्छी रचना को पढने के बाद आप वही नहीं रह जाते जो आप उस रचना को पढने से पहले थे।
अध्यक्षता करते हुए शिक्षाविद डॉ.घासीराम वर्मा ने कहा कि साहित्य और पुस्तकें समाज की महती ज़रूरत हैं। हमारे विद्यालयो के पुस्तकालयों में बंद किताबें विद्यार्थियों तक पहुँचे, ऐसे प्रयास शिक्षकों को करने चाहिए।
संस्थान के संरक्षक भंवर सिंह सामौर ने संस्थान और पुरस्कार के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। अलावा समारोह में लघुकथाकार डॉ. रामकुमार घोटड़ की पुस्तक ‘मेरी श्रेष्ठ लघुकथाएँ’ तथा स्मारिका का विमोचन और विख्यात गणितज्ञ डॉ. घासीराम वर्मा व बोधि प्रकाशन जयपुर के मायामृग को सम्मानित किया गया।
आयोजन में प्रयास संस्थान के अध्यक्ष दुलाराम सहारण, पूर्व प्रधान रामनाथ कस्वां, उम्मेद गोठवाल, हरिसिंह सिरसला, हनुमान कोठारी, सोहनसिंह दुलार, शेरसिंह बीदावत, बाल भवन जयपुर की निदेशक श्रीमती चरणजीत ढिल्लो, नगरश्री के श्याम सुंदर शर्मा, रामगोपाल बहड़, पूर्व विधायक रावतराम आर्य, पत्राकार माधव शर्मा, मदन लाल सिंगोदिया, शोभाराम बणीरोत, प्रदीप शर्मा, शिव कुमार शर्मा, संतोष कुमार पंछी सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित थे। कार्यक्रम संचालन संस्थान सचिव कमल शर्मा किया और आभार जताया कुमार अजय ने ।

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