सत्ता से आलोचनात्मक विमर्श का रिश्ता बनाएं लेखक : संजय
बिलासपुर । कवि, पत्रकार ,पेंटर और प्रेस फ़ोटोग्राफ़र व्ही.व्ही. रमण किरण के कविता संग्रह “मर्म का अन्वेषणः 37 कविताएँ”का विमोचन समारोह बिलासपुर के होटल सेंट्रल पाइंट में सम्पन्न हुआ। आयोजन के मुख्यअतिथि ग़ज़लकार एवं टीवी पत्रकार आलोक श्रीवास्तव (दिल्ली) थे और अध्यक्षता माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी ने की। कार्यक्रम में आलोक श्रीवास्तव ने अपनी ग़ज़लें सुनाकर श्रोताओं की प्रशंसा पायी।

कार्यक्रम के अध्यक्ष की आसंदी से बोलते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक संजय द्विवेदी ने कहा कि लेखकों को अपने लेखन के माध्यम से सत्ता के साथ आलोचनात्मक विमर्श का रिश्ता बनाना चाहिए। इससे ही वह अपने धर्म का निवर्हन कर सकेंगें। उन्होंने कहा कि विचारधाराओं की आड़ लेकर हमें हिंसा और आतंकी गतिविधियों के महिमामंडन या समर्थन से बचना चाहिए। क्योंकि भारत का लोकतंत्र बहुत मुश्किल से अर्जित हुआ है और इसे वास्तविक जनतंत्र में बदलने के लिए हमें लंबी लड़ाई लड़नी है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में इस समय जिस तरह के कठिन सवाल खड़े हैं उनका उत्तर हमारी राजनीति के पास नहीं है क्योंकि वह स्वयं इन समस्याओं के गहराने के लिए ज़िम्मेदार है। साहित्यकारों और पत्रकारों को अपने धर्म का निवर्हन करते हुए समाज का मार्गदर्शन करना चाहिए। श्री द्विवेदी ने कहा कि इस कठिन समय मौज़ूद सवालों के ठोस और वाजिब हल लेखकों को ही तलाशने होंगें। इस मौके पर रमण किरण को शुभकामनाएँ देते हुए संजय द्विवेदी ने कहा कि प्रेस फोटोग्राफर, पेंटर और कवि के रूप में उनका हस्तक्षेप स्वागत योग्य है।
कार्यक्रम के प्रारंभ में रमण किरण ने संजय द्विवेदी और आलोक श्रीवास्तव को अपनी पेंटिंग भेंट की। आभार प्रदर्शन रोटरी क्लब, बिलासपुर के अध्यक्ष रणबीर सिंह मरहास ने किया एवं संचालन सुप्रिया भारतीयन ने किया। इस अवसर पर पत्रकार आलोक प्रकाश पुतुल, कथाकार शशांक और रामकुमार तिवारी भी विशेष रूप से मौजूद थे कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष पं. श्यामलाल चतुर्वेदी, सतीश जायसवाल, कपूर वासनिक, डॉ. पालेश्वर शर्मा, डा.विनयकुमार पाठक, डॉ. गंगाधर पुष्कर, डॉ. सत्यभामा अवस्थी, प्रियनाथ तिवारी, पूर्व विधायक चंद्रप्रकाश वाजपेयी, कृष्णकुमार यादव राजू, डॉ. अजय पाठक, विश्वेष ठाकरे, प्रतीक वासनिक, यशवंत गोहिल, बृजेश सिंह, सुनील शर्मा सहित नगर के अनेक पत्रकार, साहित्यकार और बुद्धिजीवी मौज़ूद रहे।

![Validate my Atom 1.0 feed [Valid Atom 1.0]](valid-atom.png)