श्रेणियाँ

विट्ठलभाई पटेल का ‘अमृत-पर्व’ सितम्बर में

प्रकाशन :बुधवार, 1 सितम्बर 2010
-

भोपाल। कवि-गीतकार श्री विट्ठलभाई पटेल ने विगत 21 मई को अपने जीवन के 75 वें वर्ष में प्रवेश किया है। उनके उपलब्धि भरे बहुआयामी जीवन के पचहत्तरवें वर्ष के दौरान दुष्यन्त कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय द्वारा उनके सरोकारों पर केन्द्रित ‘विट्ठलभाई पटेल: अमृत पर्व’ नाम से दो दिवसीय आयोजन किया जा रहा है। भोपाल में यह दो दिवसीय ‘अमृत पर्व’ आगामी सितम्बर के तीसरे सप्ताह में प्रस्तावित है। श्री पटेल साहित्य, संस्कृति, राजनीति, फ़िल्म, समाजसेवा, उद्योग-व्यवसाय आदि के क्षेत्रों में सतत् सक्रिय हैं और अपने मिलनसार, खुशमिजाज़, दानशीलता और सहज स्वभाव के कारण समाज में लोकप्रिय हैं। अपने मंत्रित्वकाल में भोपाल में निवास करने के पूर्व से ही भोपाल में बड़ी तादाद में उनके प्रशंसक मौजूद हैं। कवि दुष्यन्त कुमार के घनिष्ठ मित्र श्री विट्ठलभाई दुष्यन्त कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय की प्रवर परिषद के वरिष्ठ सदस्य भी हैं। पाण्डुलिपि संग्रहालय के निदेशक राजुरकर राज ने जानकारी दी कि ‘विट्ठलभाई पटेल अमृत पर्व’ मनाने की घोषणा कुछ माह पूर्व सागर में श्री पटेल की पुस्तक के लोकार्पण समारोह के दौरान संग्रहालय के वरिष्ठ पदाध्किारी श्री राजेन्द्र जोशी और श्री शिवकुमार अर्चन ने की थी। ‘अमृत पर्व’ के स्वरूप पर चर्चा के लिए हुई बैठक में आत्मीयतापूर्वक गरिमा के साथ अमृतपर्व मनाने पर सहमति हुई। संग्रहालय के संरक्षक मण्डल के संयोजक श्री राजेन्द्र जोशी को अमृतपर्व के संयोजक का दायित्व सौंपा गया। बैठक में चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्री कैलाश अग्रवाल, मानस भवन के प्रमुख श्री रमाकान्त दुबे, रूपाम्बरा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र सिंह चैहान, वरिष्ठ वास्तुविद् एवं कलाविद् श्री सुधीरनन्द चौधरी, भोपाल विकास प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष श्री अशोक जैन ‘भाभा’, साहित्यकार श्री मनोहर वर्मा, श्री रामप्रकाश त्रिपाठी, वरिष्ठ चित्रकार के. रवीन्द्र, संग्रहालय परिषद के पदाधिकारी श्री नरेन्द्र दीपक, श्री राजेन्द्र जोशी, श्री शिवकुमार अर्चन, निदेशक राजुरकर राज आदि ने भाग लिया।

भोपाल से राजुरकर राज की रपट

  Bookmark and Share
टिप्पणी लिखें
 
वाक्यांश खोजें




Bing


Site Search Site Search
लेखागार (Archive)
लेखक की प्रविष्टियाँ