‘पत्रकारिता
और साहित्य, तिल-गुड़ जैसे’
(संजय
द्विवेदी की किताब का इंटरनेट पर लोकार्पण)
रायपुर
। भारत ।
वारिष्ट पत्रकार तथा लेखक संजय द्विवेदी की चर्चित किताब
‘सर्वेश्वरदयाल
सक्सेना और उनकी पत्रकारिता’
के इंटरनेट संस्करण का लोकार्पण करते हुए बेब दुनिया डाट
काम के पूर्व संपादक और मुख्यमंत्री,
छत्तीसगढ़ के संसदीय सलाहकार
अशोक चतुर्वेदी ने कहा कि संजंय द्विवेदी हिंदी पत्रकारिता
की विरासत को संभालकर छत्तीसगढ़ के पत्रकारों की नई पीढ़ी
को दिशा देने का काम कर रहे हैं।
पेंशनबाड़ा स्थित माध्यमिक शिक्षा मंडल कालोनी में संस्था
सृजन सम्मान द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए
श्री चतुर्वेदी ने कहा कि हिंदी इस देश में पचास करोड़ से
भी ज्यादा लोगों द्वारा बोली और
समझी जाती है। बावजूद इसके इस भाषा का इतिहास रहा है कि वह
सदा से संघर्ष करती रही है। अब इंटरनेट पर हिंदी अपने पैर जमा रही है। इसे और भी
समृद्व किए जाने की जरूरत है। इसके लिए प्रदेश के
विश्वविद्यालयों को भी आगे आना चाहिए ।
छत्तीसगढ़ से हिंदी इंटरनेटिंग को प्रोत्साहित करने के लिए
जयप्रकाश मानस और सृजन-सम्मान संस्था जिस तरह सतत् सक्रिय
है वह विश्वास दिलाता है कि राज्य में जनसंचार की सभी
साधनों के विकास के लिए लोग प्रयत्नरत है ।
कार्यक्रम की
अध्यक्षता करते हुए छत्तीसगढ़ ब्रेवरेजेस कार्पोरेशन के
आध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने कहा कि पत्रकारिता और
साहित्य का समन्वय तिल-गुड़ की तरह ही है। उन्होंने कहा कि
संजय द्विवेदी ने छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता को समझा और
इसे नई दिशा देने का प्रवास कर रहे हैं, जो किसी भी
पत्रकार का पहला प्रचार प्रवास है। उन्होंने पत्रकारिता के
प्रति समानान्य होते दृष्टिकोण को पदलने की जरूरत पर भी
जोर दिया । विशिष्ट अतिथि साहित्यकार गिरीश पंकज ने कहा कि
मकर संक्रांति यानी जिसमें कर भी है और क्रांति भी। ऐसे
पौके पर ऐसा पुण्य आयोजन होना अच्छी बात है। उन्होंने कहा
कि संवेदना के साथ भाषा का जैसा चमत्कार सर्वेश्वर दयाल
सक्सेना की पत्रकारिता में था, वही तेवर संजय द्विवेदी की
कलम में भी नज़र आता है। हालांकि संजय कविता नहीं लिखते,
लेकिन उनकी लेखनी में कविता सी लय दिखती है। इस किताब के
इंटरनेट पर जारी होने के साथ ही उनकी लेखनी और कृति
वैश्विक हो गई है।
कार्यक्रम की
शुरूआत में नटराज की मूर्ति के सामने अतिथियों ने दीप
प्रज्जवलित किया। इसके बाद सभी अतिथियों का शाल, श्रीफल से
सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन संजीव ठाकुर ने तथा
आभार प्रदर्शन चेतन भारती ने किया । इस मौके पर सृजनगाथा
डॉट कॉम के संपादक जयप्रकाश मानस, राम पटवा, डा. सुधीर
शर्मा, नीलमणि दुबे, डॉ. जे. आर सोनी,
डॉ. सालिकराम शलभ, गौतम
पटेल, हेमंत पाणिग्राही, संजू बागड़े, एन.पी. विश्वाकर्मा,
के.पी. सक्सेना, हरिप्रकाश वत्स, सुमनेश कुमार, रामायण
प्रसाद, सतीश सिंह ठाकुर, अनिल तिवारी, यशवंत गोहिल, राविन
गौतम, नीतेश,
प्रशांत एवं प्रतीक रथ आदि अपस्थित थे।
