|
|
||||||||||
|
|
||||||||||
|
|||||||||||
|
◊अपनी बात◊कविता◊छंद◊ललित निबंध◊कहानी◊लघुकथा◊व्यंग्य◊संस्मरण◊ कथोपकथन◊ भाषांतर◊संस्कार◊पुस्तकायन ◊बचपन◊हलचल◊विशेषांक◊सृजनधर्मी◊लेखकों से◊संपादक बनें◊चतुर्दिक्◊शेष-विशेष◊पुरातनअंक◊अभिमत◊मुख्यपृष्ठ |
|
|||||||||
चिरकुट एम एन सी संवाद
एम एन सी वाले बड़े परेशान थे कि पूरी दुनिया में एक से एक सामान बेचने के बाद भी उनके कच्छे की सेल में उछाल नहीं आ रहा है। इसका कारण जानने के लिये उन्होंने एक उच्च स्तरीय कमेटी भारत में भेजी । कमेटी ने अपने ढंग से सभी बड़े-बड़े लोगों को बुलाया । क्या नेता क्या फ़िल्म स्टार, क्या बिजनेस मैंन और क्या उच्च अधिकारी गण । सभी को फ़ाईव स्टार होटल में टिकाया गया । हाँ, उनकी अंदरूनी स्थिति पर नज़र रखने के लिये हर बाथरूम में खूफ़िया कैमरे फ़िट कर दिये गये ।
हालात इतने बुरे निकले कि जहाँ-जहाँ जाँच की गयी यह पाया गया कि हर किसी ने पटरे वाला कच्छा पहन रक्खा है। आईएएस है तो क्या हुआ कच्छा पटरे वाला ही है, बिजनेस मैंन हैं, करोडपति हैं पर नहीं कच्छा पहना है तो बस पटरे वाला ।
नेता और स्टार तो खैर होते ही चिरकुट हैं ।
खैर सेमीनार शुरु हुआ और लोगों के विचार आने लगे । एक सीईओ ने कहा हमें ब्रांडेड कच्छे की सेल बढाने के लिये लोगों को ऐड द्वारा प्रेरित करना चाहिये । तभी किसी नेता ने कहा हमें लोगों को बताना चाहिये कि ब्रांडेड कच्छा पहन कर हम अमेरिका के और करीब आ सकते हैं तब परमाणु समझौता क्या हम वहाँ के लास वेगास के ग्लैमर तक के लिये समझौता कर सकते हैं । अभिनेता बोला - वैसे तो पटरे वाला कच्छा हमें अपनी जान से भी प्यारा है पर कोई हमें ब्रांडेड कच्छे का एड दे तो हम सौ करोड के बदले अपनी हर फ़िल्म में उसी में नज़र आऊँगा ।
रईस बाप की बिगडी औलाद जरूर ब्राडेड़ कच्छा पहनने लगेगी। वैसे इससे उनके कैरेक्टर में सुधार की गुंजाईश को देखते हुये उम्मीद कम है कि ऐसे बाप बेटे को फ़िजूलखर्ची की इजाजत देंगे। oमुरली मनोहर श्रीवास्तव
|
|||||||||||
|
|
|
|
|||||||||
|
◊अपनी बात◊कविता◊छंद◊ललित निबंध◊कहानी◊लघुकथा◊व्यंग्य◊संस्मरण◊ कथोपकथन◊ भाषांतर◊संस्कार◊पुस्तकायन ◊बचपन◊हलचल◊विशेषांक◊सृजनधर्मी◊लेखकों से◊संपादक बनें◊चतुर्दिक्◊शेष-विशेष◊पुरातनअंक◊अभिमत◊मुख्यपृष्ठ |
|||||||||||
|
|||||||||||