रचनात्मक संस्कारों का अनुसमर्थन
संपादकीय कार्यालयः एफ-3, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, आवासीय कॉलोनी, रायपुर, 492001 ई-मेलः srijangatha@gmail.com
◊अपनी बात◊कविता◊छंद◊ललित निबंध◊कहानी◊लघुकथा◊व्यंग्य◊संस्मरण◊ कथोपकथन◊ भाषांतर◊संस्कार◊ मूल्याँकन◊हस्ताक्षर
◊ पुस्तकायन◊ विचार-वीथी◊प्रसंगवश◊ इनदिनों◊हिंदी-विश्व◊ लोक-आलोक◊व्याकरण◊तकनीक◊बचपन◊शेष-विशेष◊ हलचल◊विशेषांक ◊सृजनधर्मी◊लेखकों से◊ संपादक बनें◊चतुर्दिक्◊पुरातनअंक◊अभिमत◊मुख्यपृष्ठ
प्रगतिशीलों ने प्रेमचंद के जीवन के तथ्यों को छिपाया - कमल किशोर गोयनका
हिंदी ग़ज़लों में विचार हैं, मिज़ाज नही - हस्तीमल हस्ती(सृजनगाथा)
वे चाहें तो मेरा पद्मभूषण छीन लें – गोपीचंद नारंग(अरुण आदित्य)
आंबेडकरवाद जैसी अवधारणा में विश्वास नहीं-मोहनदास नैमिषराय(सृजनगाथा)
बख्शी ने छायावाद के लिए भक्तिवाद नाम सुझाया-पं. मुकुटधर पांडेय(सृजनगाथा)
जैसी प्रकृति होगी, वैसा वह परंपरा से ग्रहण करेगा-रंजना अरगडे(सृजनगाथा)
तुलसी और कबीर को विरोधी बना दिया है-विश्वनाथ त्रिपाठी(रवीन्द्र स्वप्निल प्रजापति)
कवि-सम्मेलन से नहीं कृतियों से मूल्याँकन होता है – अशोक लव (सत्यप्रकाश भारद्वाज)
इंटरनेट आम आदमी तक नहीं पहुँचा तो मतलब नहीं–जतिन दास(संपादक)
हिंदी को किसी से कोई खतरा नहीं - नामवर सिंह(संजय कुंदन)
तुलसीदास का विरोध करना गलत थाः राजेश जोशी(मुकेश प्रत्यूष)
मैं तो व्यक्ति व्यंजक निबंध लिखता हूँ - स्व.विद्यानिवास मिश्र (हारून रशीन खान)
नष्ट होने के कगार पर है रोमा यायावरों की संस्कृतिः पद्मश्री श्याम सिंह शशि(अरूण कुमार)
और राधा कृष्ण हो गयीं : आचार्य जानकी वल्लभ शास्त्री(वाल्मीकि विमल)
बौद्धिक सृजन का काम जारी रहना चाहिए- ज्ञानेन्द्र पति(संपादक)
सड़क-नाटक के सूत्रपात का श्रेय ‘हस्ताक्षर’ को हैः विभु कुमार ( ठाकुर राम साहू)
लेखक का काम पाठक बनाना भी है - डॉ.दामोदर खड़से(मुकेश प्रत्यूष)
सामयिक साहित्य समाप्त होगा, न कि शाश्वत साहित्य - पं. ह. प्र. द्विवेदी(डॉ. रामनारायण मधुर)
निबंध ‘लिरिक’ के समीप और समतुल्य भी - पद्मश्री रमेशचंद्र शाह (जयप्रकाश मानस)
किताब खरीदने का कल्चर अभी विकसित नहीं - नासिरा शर्मा (लालित्य ललित)
इंटरनेट-मीडिया अपनी स्वतंत्र पहचान बना चुका है- बालेन्दु शर्मा दाधीच (जयप्रकाश मानस)
शर्मण्य देश नाम होना चाहिए जर्मनी का - डॉ. महेशचन्द्र शर्मा (जयप्रकाश मानस)
हिन्दी कविताओं का कोश क्यों नहीं बनाया जा सकता? - ललित कुमार (जयप्रकाश मानस)
सौभाग्य है पं.नरेंद्र शर्मा की बेटी होना-लावण्या शाह (जयप्रकाश मानस)
हिन्दी के लिए विंडोज़ 98 त्यागना होगा - रवि रतलामी (जयप्रकाश मानस)
दूरदर्शन विषमता का जहर फैला रहा – कमलेश्वर (गिरीश पंकज)
रचना का प्रेरक तत्व मनुष्य और प्रकृति का सौंदर्य - डॉ. श्यामसुंदर दुबे (जयप्रकाश मानस)
गांधी जी से हताश हुआ.... – बालाशौरि रेड्डी ( डॉ. ऋचा राय )
आपकी प्रतिक्रिया
प्रेम उपचारहीन है - ड्राइडेन
संपादकः जयप्रकाश मानस संपादक मंडलः डॉ.बलदेव,संतोष रंजन, राम पटवा, डॉ.सुधीर शर्मा, डॉ.जे.आर.सोनी, संजीव ठाकुर, कामिनी, प्रगति
तकनीकः प्रशांत रथ