शेर और सियार
पास-पास के दो जंगलों में दो अलग-अलग शेरों का राज था ।
एक जंगल के राजा ने सेवकों के रूप में कुछ सियार पाल रखे थे । सियारों का काम केवल इतना था कि वे राजा के आगे-पीछे चलते थे ।
राजा शिकार करके पहले भोजन करता था और उसके बाद बचे हुए मांस को खाकर सियार अपना पेट भरते थे । इस प्रकार सियारों के दिन बहुत मज़े में कट रहे थे ।
एक दिन राजा अस्वस्थ हो गया और उसने सियारों को ही शिकार करने का आदेश दे दिया । पहले तो सियारों को थोड़ी मुश्किल हुई, पर मिल-जुलकर उन्होंने एक शिकार कर ही डाला । शिकार करते ही उन्हें लगा कि वे भी राजा बन सकते हैं । यह विचार आते ही वे तुरंत उस शिकार को चट कर गए ।
इसके बाद उन्होंने अस्वस्थ राजा को भी मारकर खा लिया और संयुक्त रूप से अपने आप को जंगल का राजा समझने लगे ।
जब पड़ोसी जंगल के राजा को यह समाचार मिला, तो उसने तुरंत उन सियारों का शिकार कर डाला और उस जंगल पर भी राज करने लगा ।
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रावेंद्रकुमार रवि
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चारुबेटा
खटीमा, ऊधमसिंहनगर, उत्तराखंड - 262 308
ई-मेल- raavendra.ravi@gmail.com

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