श्रेणियाँ

भावों का पानी

प्रकाशन :सोमवार, 1 मार्च 2010
आशा पाण्डे
रीत गए हैं प्रीत भरे पतीले
उलट गई है संस्कारों की थाली

मन - मटके में नही भावों का पानी
आदर्शों का डिब्बा खाली-खाली

बासी हुई सुगंध सम्बन्धों की
रिश्ते हुए हैं ज़हर की प्याली

पावन नही रही अग्नि चूल्हे की
कुंठा के धुएँ से घर-दीवारें काली

आँखें मुस्काती कुटिल मुस्काने
मुख का अभिवादन बन गाया गाली

बिखरी आदर-सत्कारों की रंगोली
टूट गई मान मनुहारों की डाली

पेड़ों पर लोभ लालच की अमराई
उगी फ़सलों पर गद्दारी की बाली

विकसी दूषित विचारों की फुलवारी
फै़ली पाप-अधम की हरियाली
दया करूणा के पक्षी न आ पाते अन्दर
छल-कपट बन गया मन का माली

वासनाओं से भरा भौंरों का गुंजन
तितलियों के मुख नहीं लाज की लाली

कच्चे पड़ गये प्रण के पत्थर
ढह गई इमारतें मिसालों वाली

  आशा पाण्डे
78, गायत्री नगर, पाली-मारवाड़ (राजस्थान)-306401
मो.-94144-70219
ई-मेल- asha09.pandey@gmail.com
  आशा पाण्डे
आशा पाण्डे

78, गायत्री नगर, पाली-मारवाड़
(राजस्थान)-306401.
asha09.pandey@gmail.com
 
         
Bookmark and Share
टिप्पणी लिखें
 
वाक्यांश खोजें




Bing


Site Search Site Search
लेखागार (Archive)
लेखक की प्रविष्टियाँ