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तेजपुर में साहित्य सम्मलेन संपन्न

प्रकाशन :गुरूवार, 26 जनवरी 2012
तेजपुर से रीता सिंह 'सर्जना' की रपट
तेजपुर । प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था 'हिंदी साहित्य सम्मलेन', असम) ने अपना 19 वाँ वार्षिक अधिवेशल गत २५25 दिसम्बर को तेजपुर महाविद्यालय के सभागार में मनाया l सम्मलेन की अध्यक्षता तेजपुर विश्वविध्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष तथा सम्मलेन के अध्यक्ष डॉ. अनंत कुमार नाथ ने किया l मुख्य अथिति थे शोणितपुर जिले के पुलिस अधीक्षक श्री आनंद प्रकाश तिवारी l तत्पश्चात सुधाकंठ भूपेन हजारिका,साहित्य कोकिला मामोनी रायसोम गोस्वामी तथा तेजपुर की कवयित्री तथा समाज सेविका उषा टिबडेवाल की स्मृति में श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया l
सचिव श्री सुभाष चन्द्र प्रसाद ने 22 दिसंबर 1992 में स्थापित हिंदी साहित्य सम्मलेन का नीव रखने वाले स्वर्गीय बूटाराम,स्वर्गीय राम प्रसाद महेश्वरी,स्वर्गीय उषा टिबड़ेवाल,स्वर्गीय कन्हैया लाल बोथरा, देवी शरण शर्मा और नरेन्द्र बोथरा को याद किया ।
इस अवसर पर हिंदी साहित्य और पूर्वोत्तर में हिंदी भाषा की महत्ता पर पंजाब कला साहित्य अकादमी,जालंधर के निदेशक व वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र परदेसी ने कहा कि अहिन्दी प्रदेश,खास करके नोर्थ-ईस्ट के हिंदी लेखन के क्षेत्र में प्रतिभाओ की कोई कमी नहीं हैं l यहाँ लिखने के लिए बहुत संबल हैं बशर्ते कि वे डर को अपने मन के अन्दर से बाहर निकाल कर निसंकोच लिखे l निरंतर लिखते-लिखते लेखन में अपने आप सुधार आ जाएगी l आपलोग लिखे,छपेंगे या नहीं इसकी चिंता न करे l उन्होंने आश्वस्त किया की उनके लेखन को राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति दिलाने की उनकी जिम्मेदारी हैं l
इस अवसर पर सम्मलेन पत्रिका उषा ज्योति का लोकार्पण सामाजिक कार्यकर्त्ता एवं नोर्थ असम चेंबर के पूर्व अध्यक्ष मदन मोहन सिंह द्वारा किया गया l हिंदी साहित्य सम्मलेन के कार्यकारी अध्यक्ष नथमल टिबड़ेवाल ने कहा कि हिंदी भाषा भारतीय संविधान में स्वीकृत राजभाषा के रूप में स्वीकृत होने के बावजूद अंग्रेजी का बोलबाला हैं l पर यह भी सच हैं कि आज हिंदी ने साहित्यिक भाषा के रूप में अपना परिचय दिया हैं l सम्मलेन के अध्यक्ष अनंत कुमार नाथ ने सभा में उपस्थित हए सभी व्यक्ति का स्वागत करते हुए कहा की हिंदी भाषा से किसी भारतीय भाषा का बैर नहीं हैं l क्योंकि हिंदी सभी भारतीय भाषाओं को विकसित रूप में देखना चाहती हैं l

सम्मलेन के अंत में बहुभाषी कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया था जिसमें राज्य भर से आये हिंदी, असमिया, बंगला, राजस्थानी, नेपाली, भोजपुरी और संस्कृत भाषाओ के कवियों ने अपना काव्य पाठ किया l कवि गोष्ठी में उषा ज्योति के संपादक डॉ. दिनेश कुमार वर्मा ने स्वागत भाषण दिया । संचालन गुवाहाटी की हिंदी और नेपाली कवयित्री मैना थापा 'आशा' ने किया l काव्य पाठ में गुवाहाटी के लोकप्रिय कवि चंद्रप्रकाश पोद्धार (हिंदी,राजस्थानी), कल्पना कलिता (असमिया), रीता सिंह 'सर्जना' (हिंदी), रुमा देवी (असमिया), देवकी तिम्सिना (नेपाली),विचित्र नारायण महंत (असमिया) केशव प्रसाद तिवारी (भोजपुरी व् हिंदी ), हरिशंकर चक्रवर्ती (बंगाली), चंद्रमणि उपाध्याय (नेपाली, संस्कृत), रेनू देवी (असमिया), कमला देवी (नेपाली) और तेजपुर महाविद्यालय के प्राचार्या चारू सहरिया नाथ (असमिया) ने भाग लिया । कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. अनंत कुमार नाथ, डॉ.कृष्ण कान्त झा, सुभाष च. प्रसाद, बालकृष्ण उपाध्याय, धीरज कुमार पांडे, रीता सिंह, शिव कुमार सिंह, धीरेन्द्र यादव, अर्जुन जैन का सराहनीय योगदान रहा है l
 
         
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