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सूरीनाम में विश्व हिन्दी दिवस

प्रकाशन :सोमवार, 23 जनवरी 2012
सूरीनाम से रपट

स वर्ष भी 10 जनवरी 2012 को पारामारिबो में भारतीय राजदूतावास ने सूरीनाम के हिंदी प्रेमियों व विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ विश्व हिंदी दिवस मनाया। इस दौरान सूरीनाम के विद्यार्थियों ने हिंदी पर अपनी कुशलता का प्रदर्शन किया।

सूरीनाम में विश्व हिंदी दिवस 2012 संबंधी गतिविधियों का आरंभ अक्तूबर माह से विभिन्न जिलों में प्रतियोगिताओं के आयोजन के साथ ही हो गया था। सूरीनाम के चार हिंदुस्तानी बहुल जिलों – सरमक्का, वानिका, कौमवेना व पारामारिबो में सुलेख, कविता वाचन, कहानी वाचन व रामायण चौपाई, श्लोक वाचन प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। सभी जिलों के लिए एक निबंध प्रतियोगिता भी थी। भारतीय राजदूतावास की हिंदी व संस्कृति अधिकारी श्रीमती भावना सक्सैना के निर्देशन में आयोजित इन प्रतियोगिताओं में लगभग 260 हिंदी छात्रों ने भाग लिय़ा। 10 जनवरी को हिंदी कविताओं, भजनों व सांस्कृतिक कार्यक्रम से सजी एक रंग बिरंगी शाम में सूरीनाम के रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि कर्नल जसटस हे-वा-की व महामहिम श्री कँवलजीत सिंह सोढी ने सभी विजेताओं को पुरस्कार वितरण किया। कुछ स्थानीय संस्थाओं को पुस्तकें भी भेंट की गईं।

सूरीनाम हिन्दी परिषद के अध्यक्ष श्री भोलानाथ नारायण व साहित्य मित्र संस्था की प्रतिनिधि डॉ॰ कार्मेन जगलाल ने अपनी अपनी संस्थाओं के बारे में बात करते हुए सभी से अधिकाधिक हिन्दी बोलने का आह्वान किया और भारत के राजदूतावास और भारत सरकार को हार्दिक धन्यवाद  दिया। इस वर्ष विश्व हिन्दी दिवस और गुरुदेव रबीन्द्रनाथ ठाकुर कि 150वी जन्म जयंती को जोड़ते हुए रवीन्द्रनाथ ठाकुर से प्रेरित सृजनात्मक लेखन की विशेष प्रतियोगिता आयोजित की गयी थी, यह मुख्य रूप से हिन्दी शिक्षकों के लिए थी किन्तु आम जनता भी भाग ले सकती थी। प्रतियोगिता दो वर्गों गद्य व पद्य में थी जिस्ममें कोई भी सृजनात्मक लेख या कविता लिख कर यह बताना था कि वह किस तरह गुरुदेव से या उनके जीवन से प्रेरित हुई है। इस प्रतियोगिता के पुरस्कार महामहिम श्री कनवलजीत सिंह सोढ़ी व सूरीनाम में क्यूबा के राजदूत महामहिम श्री हुलियो आ सोलीस फेरेरो व गयाना देश की राजदूत महामहिम सुश्री मेर्लिन उधो द्वारा प्रदान किए गए।

कार्यक्रम का संचालन करते हुए हिंदी व संस्कृति अधिकारी श्रीमती भावना सक्सैना ने अपनी कविता "वह हिन्दी है हिन्दी रहने दो" पढ़ी जिसमें उन्होने आग्रह किया कि भाषा में थोड़े से परिवर्तन पर उसे नया नाम देना उचित नहीं है। इस कविता को सभी दर्शकों ने बहुत सराहा। राजदूत महोदय ने वर्ष 2011 में सूरीनाम में हिंदी से संबंधित मुख्य गतिविधियों का उल्लेख किया जिनमें, कईं कार्यशालाओं के अतिरिक्त सूरीनाम की साहित्य मित्र संस्था के दूसरे कविता संग्रह – अभिलाषा, कंप्यूटर पर हिंदी टंकण कार्यशालाओं में हिन्दी टंकण सीख कर रामायण की पाँच कथाओं नमक पुस्तक का प्रकाशन और कथा-कहानी कार्यशाला का आयोजन शामिल थे।

वर्ष 2011 में सूरीनाम के 627 छात्रों ने सूरीनाम हिंदी परिषद की परीक्षाओं में भाग लिया। श्रीमती सक्सैना की पहल पर पिछले दो वर्ष से सूरीनाम में कईं कवियों व लेखकों की जयंतियाँ मनाने का सिलसिला भी आरंभ हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप सूरीनाम में हिंदी कवियों व लेखकों और हिंदी साहित्य के प्रति खासा रुझान उत्पन्न हुआ है। भारतीय राजदूतावास की ओर से आश्वासन दिया गया कि भविष्य में भी इस प्रकार की गतिविधियां जारी रहेंगी।


  सूरीनाम से रपट

 
         
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