महाराष्ट्र
राज्य हिन्दी साहित्य अकादेमी ने वर्ष 2008-09 के पुरस्कारों की घोषणा की है । जिसके अतंर्गत विधा पुरस्कारों में कहानी के लिए मुंशी प्रेमचंद पुरस्कार श्री मनमोहन सरल को दिया जाना तय किया है । इसके लिए उन्हें रूपये 25,000 की राशि, प्रतीक चिन्ह, शाल आदि से 27 जुलाई को महाराष्ट्र राज्य के गेस्ट हाऊस सह्याद्रि में आयोजित समारोह में सम्मानित किया जायेगा । ये महाराष्ट्र राज्य की स्थापना की स्वर्ण जयंती भी है । अकादेमी विधा पुरस्कारों के साथ अखिल भारतीय हिंदी सेवा पुरस्कार, महाराष्ट्र राज्य स्वर्ण जयंती पुरस्कार तथा राज्य स्तरीय पुरस्कार भी दे रही है । श्री माधव पंडित, डॉ. बालशौरि रेड्डी, जस्टिस चंद्रशेखर धर्माधिकारी, पुष्पा भारती भी शामिल हैं ।
श्री सरल 1961 में भारत के सर्वश्रेष्ठ और बहुचर्चित साप्ताहिक 'धर्मयुग' के गरिमामय काल में सहायक संपादक पद सँभाला और '89 तक इसी पद पर बने रहे। 1989 से '93 तक हिंदी फ़िल्मफेअर का कार्यभार संभाला। 1993 से '95 तक नवभारत टाइम्स में सह संपादक रहे और फिर सांध्यकालीन 'दैनिक दोपहर' के संपादक रहे। हिंदी के प्रतिनिधि साहित्य को समर्पित कई संकलन संपादित किए। उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के साहित्य, पत्रकारिता एवं कला संबंधी कई पुरस्कार, अमेरिका के बाल्टीमोर राज्य की मानद नागरिकता तथा ऑल इंडिया कांफ्रेंस ऑफ इंटलेक्चुअल्स के मिलेनियम अधिवेशन में सम्मान एवं 'मेरठ-रत्न' सम्मान मिल चुका है । वे अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म फेस्टिवल एवं मध्यप्रदेश फ़िल्म समारोह की पुरस्कार समितियों की ज्यूरी सदस्य भी है ।
उन्हें सृजनगाथा परिवार की ओर से बधाईयाँ ।

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