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टना । तबला वादक संदीप दास को संगीत की दुनिया का सबसे चर्चित और प्रतिष्ठित अवार्ड ग्रैमी पुरस्कार से नवाजा गया है। म्यूजिक एलबम कटेगरी में वायलिन वादक योयो मा एलबम सिंग मी होम को अवार्ड दिया गया है। यह यो यो मा का 19वां ग्रैमी अवार्ड है।

इस एलबम में योयो मा और भारतीय तबला वादक संदीप दास की जुगलबंदी है और उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया है। संदीप दास को यो यो मा के साथ जुगल बंदी के लिये यह पुरस्कार मिला है।

पटना के संत ज़ेवियर’स हाई स्कूल से पढाई करने के बाद संदीप ने बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में गोल्ड मेडल हासिल किया। शिवकुमार सिंह से उन्होंने आठ वर्ष की उम्र से ही तबला बजाना सीखना शुरू किया। नौ वर्ष की उम्र में वे किशन महाराज से तबला सीखने लगे। वे प्रत्येक शनिवार को बनारस चले जाते और दो दिनों तक तबला सीख पटना वापस आ जाते। बाद के दिनों में वे बनारस में रह कर ही तबला सीखने लगे। ग्यारह वर्षों तक किशन महाराज की शागिर्दी करने के बाद 1990 में वे दिल्ली चले गए।

दास सर्वश्रेष्ठ विश्व संगीत श्रेणी में ग्रैमी पुरस्कार जीतने वाले यो यो मा के सिल्क रोड एनसेम्बल के एल्बम सिंग मी होम का हिस्सा थे। इस श्रेणी में भारतीय सितारवादक अनुष्का शंकर का एलबम लैंड ऑफ गोल्ड भी नामित था लेकिन वह पुरस्कार से चूक गयीं।

अनुष्का शंकर छठी बार अपने विश्व संगीत नामांकन को ग्रैमी पुरस्कार में तब्दील करने में नाकामयाब रहीं। बीते वर्षों में कई नामांकनों के बावजूद उनकी झोली में ग्रैमी नहीं आया। यो यो मा के सिंग मी होम की धुनें विश्वभर के विभिन्न कलाकारों ने तैयार की हैं। यह एल्बम मा के दी म्युजिक ऑफ स्ट्रेंजर्स: यो यो मा ऐंड दी सिल्क रोड एनसेंबल नाम के प्रोजेक्ट पर बनी डॉक्युमेंटरी का हिस्सा है।

मा और दास के अतिरिक्त इस एल्बम में शामिल अन्य संगीतकार हैं न्यूयॉर्क के रहने वाले सीरियाई शहनाई वादक किनान अजमेह। अजमेह अमेरिकी राष्ट्रपति के यात्रा प्रतिबंध के आदेश के बाद विदेश में ही रहने को मजबूर थे। जब एक अदालत ने इस आदेश पर रोक लगाई तब जाकर अजमेह देश लौट सके।

लाल कुर्ता पहने दास ने कहा कि एनसेंबल ने एकता और एक-दूसरे की संस्कृतियों के सम्मान का प्रभावशाली संदेश दिया है। पुरस्कार लेने के बाद दास ने संवाददाताओं से कहा कि जब ऐसी चीजें होती हैं तो हम पर इसका सीधा प्रभाव पड़ता है क्योंकि हमने विभिन्न देशों का बहुत कुछ अपनाया है।

संदीप ने बोस्टन को अपना घर बना लिया है जहां वे अपनी पत्नी तृप्ति और दो बेटियों साक्षी और सोनाक्षी के साथ रहते हैं।