श्रेणियाँ

ग्लोबलाइज्ड अर्थव्यवस्था में हिंदी की भूमिका पर व्याख्यान

प्रकाशन :शनिवार, 1 मई 2010
-

हैदराबाद । 6 मई को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के राजभाषा प्रभाग के तत्वावधान में आयकर निदेशालय के अंतर्गत देश भर में कार्यरत हिंदी अनुवादकों के लिए 'आयकर शिखर' में त्रिदिवसीय अखिल भारतीय सेमिनार संपन्न हुआ । दूसरे दिन विशेष वक्ता के रूप में पधारे प्रो.ऋषभ देव शर्मा ने ''ग्लोबलाइज्ड अर्थव्यवस्था में हिंदी की भूमिका'' पर व्याख्यान दिया। ऋषभ देव शर्मा ने कहा कि ग्लोबलाइज्ड अर्थव्यवस्था में भारत केवल दुनिया भर के माल की खपत के लिए मंडी ही न रहकर उत्पादक और विक्रेता के रूप में भी उभर रहा है । उन्होंने वैश्विक कारोबार,सूचना प्रौद्योगिकी और बाज़ार की दृष्टि से हिंदी की आवश्यकता और क्षमता के बारे में बताते हुए आगे यह भी कहा कि कंप्यूटर और मोबाइल का जितना प्रसार होगा तथा आर्थिक विकास जितनी ज़ल्दी गाँवों को लक्षित करेगा, हिन्दी सहित सभी स्थानीय भाषाओं के लिए उतना ही अनुकूल माहौल बनेगा क्योंकि गाँवों तक व्यवसाय इन्हीं भाषाओं के माध्यम से प्रसारित हो सकता है। सेमिनार में आयकर निदेशालय के राजभाषा अधिकारी आर. के. शुक्ल, सुश्री साहू आदि की उल्लेखनीय भूमिका रही ।

हैदराबाद से ऋषभ देव शर्मा की रपट

  Bookmark and Share
टिप्पणी लिखें
 
वाक्यांश खोजें




Bing


Site Search Site Search
लेखागार (Archive)
लेखक की प्रविष्टियाँ