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संस्कृति एक्सप्रेस से टैगोर की बनाई कलाकृति गायब

प्रकाशन :सोमवार, 5 सितम्बर 2011
जमशेदपुर से रपट

मशेदपुर। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के जीवन के पहलुओं और कला को अपने अंदर समेटे संस्कृति एक्सप्रेस पर चोरों की भी गिद्ध नजर है। आठ अगस्त को पश्चिम बंगाल से चल कर टाटानगर रेलवे स्टेशन पहुंची इस ट्रेन के शेष कथा कोच से महाकवि की एक बेशकीमती कलाकृति चोरी हो गई है। तस्वीर गायब होने से रेल महकमे में सनसनी है। इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दे दी गई है।

प्रदर्शनी ट्रेन के पांच कोच में से आखिरी कोच में गुरु रवींद्रनाथ टैगोर के आखिरी वक्त की तस्वीरें हैं। साथ ही उनके हाथ की बनाई हुई नायाब कलाकृतियां भी हैं। पिछले साल जब ट्रेन टाटा नगर पहुंची थी, तब भी कुछ कलाकृतियां गायब थीं। इसके बाद कलाकृतियों को प्लास्टिक कवर में रखा गया। इनकी तरफ कोई नहीं जाए, इसके लिए स्टील चेन भी लगाई गई। इसके बाद भी शेष कथा से कवि गुरु की कलाकृति का एक बेहतरीन नमूना गायब हो गया। प्रदर्शनी ट्रेन की देखभाल में लगे रेलवे के सात कर्मचारियों में से एक का कहना है कि ट्रेन बंगाल में थी तो सारी तस्वीरें और कलाकृतियां मौजूद थीं।

गीतांजलि में गुरुजी की एक तस्वीर भारतीय सांख्यिकी के पिता कहे जाने वाले प्रकाश चंद्र की पत्‍‌नी निर्मल कुमारी के साथ है। इस तस्वीर का चित्र परिचय भी किसी ने गायब कर दिया है। इससे दर्शक यह समझ नहीं पाते कि कवि गुरु किसके साथ हैं।


  जमशेदपुर से रपट

 
         
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