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डॉ. हरेकृष्ण मेहेर

जन्म- ५ मई १९५६,सिनापाली (ओड़िशा)
पिता- कवि नारायण भरसा मेहेर
माता- श्रीमती सुमती देवी
मातृभाषा- ओड़िआ
शिक्षा- रेवेन्शा महाविद्यालय कटक में अध्ययन पूर्वक उत्कल विश्वविद्यालय से
बी.ए. संस्कृत आनर्स, प्रथम श्रेणी में प्रथम (१९७५) ; बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय से तीन उपाधियाँ * * एम्.ए. संस्कृत, स्वर्णपदक प्राप्त (१९७७), पीएच्.डी. संस्कृत (१९८१), डिप्लोमा इन् जर्मन् (१९७९) । विशेष विषय - भारतीय दर्शन । बी.ए. संस्कृत आनर्स में सर्वोच्च स्थान अधिकार हेतु रेवेन्शा महाविद्यालय से जगन्नाथ मिश्र स्मारकी पुरस्कार प्राप्त । एम्.ए. संस्कृत परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्ति हेतु बनारस हिन्दु विश्वविद्यालय-स्वर्णपदक, श्रीकृष्णानन्द पाण्डेय सहारनपुर-स्वर्णपदक, काशीराज-पदक एवं पुरस्कार से सम्मानित ।
विशेष- अध्यापक, कवि, गवेषक, समालोचक, प्राबन्धिक, गीतिकार, स्वर-रचनाकार, सुवक्ता और सफल अनुवादक के रूप में परिचित । ओड़िआ, हिन्दी, अँगरेज़ी, संस्कृत एवं कोशली – पाँच भाषाओं में मौलिक लेखन तथा अनेक श्रेष्ठ काव्यकृतियों के छन्दोबद्ध अनुवाद । राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की पत्रपत्रिकाओं में शोधलेख, प्रबन्ध और कविता आदि प्रकाशित । अनेक मौलिक और अनूदित पुस्तकें प्रकाशित । अन्तर्जाल पर अपने वेब्‌साइट् में कई लेख प्रकाशित । विश्वसंस्कृत-सम्मेलनों, राज्य-स्तरीय अनेक सम्मेलनों एवं संगोष्ठियों में शोधलेख परिवेषण तथा कवि-सम्मेलनों में सक्रिय योगदान । संस्कृत के सरलीकरण और आधुनिकीकरण की दिशा में विशेष प्रयत्नशील । आकाशवाणी-दूरदर्शन आदि में लेख, परिचर्चा और कविताएँ प्रसारित । पितामह दिवंगत कवि मनोहर मेहेर पश्चिम ओड़िशा के “गणकवि” के रूप में परिचित । कवि-परम्परा से मौलिक सर्जनात्मक-प्रतिभासम्पन्न डॉ. मेहेर की भाषा-साहित्य एवं सङ्गीत कला में विशष अभिरुचि । कई उपलक्ष्यों में स्वरचित संस्कृत-गीतियाँ एवं कोशली गीत एकल तथा वृन्दगान के रूप में परिवेषित । हाथरस उत्तरप्रदेश की लोकप्रिय ‘संगीत’ पत्रिका में अपनी मौलिक नवीन छन्दोबद्ध संस्कृत गीतियों सहित स्वरचित स्वरलिपियाँ प्रकाशित । प्रसिद्ध संगीतकार पण्डित एच्. हरेन्द्र जोशी-रचित स्वरलिपियाँ भी वहाँ प्रकाशित । डॉ. मेहेर-कृत संस्कृत गीत “नववर्ष-गीतिका” की आडियो कैसेट् एवं वीडियो कैसेट् मध्यप्रदेश की रतलाम एवं जावरा आदि नगरियों में स्थानीय टी.वी. चैनलों पर प्रसारित । कुछ विश्वविद्यालयों के प्रस्तुत शोध-ग्रन्थों में तथा अन्यत्र अनेक विद्वानों के शोधलेखों में डॉ. मेहेर संस्कृत कवि एवं मौलिक लेखक के रूप में संस्कृत गीतियों सहित चर्चित ।
 

सम्मान-

* सांस्कृतिक परिषद, पाटनागड़ से “गंगाधर सम्मान” (२००२),
* गंगाधर साहित्य परिषद, बरपालि से “गंगाधर सारस्वत सम्मान” (२००२),
* निखिलोत्कल संस्कृत कवि सम्मेलन, कटक से “जयकृष्ण मिश्र काव्य सम्मान” (२००३),
* राज्यस्तरीय पण्डित नीलमणि विद्यारत्न स्मृति संसद, भुबनेश्वर से “विद्यारत्न प्रतिभा सम्मान” (२००५) ।
* राज्यस्तरीय स्वभावकवि गंगाधर स्मृति समिति, बरपालि से
"गंगाधर सम्मान" (२००९) - अशोक चन्दन स्मृति पुरस्कार ।
 

मानपत्र /अभिनन्दन -

* खरियार साहित्य समिति, राजखरियार (१९९८)
* गदाधर साहित्य संसद, कोमना (१९९८)
* सम्बलपुर विश्वविद्यालय, ज्योतिविहार (२०००)
* शिक्षाविकाश परिषद, कलाहाण्डि (२००३)
* कलाहाण्डि लेखक कला परिषद, भवानीपाटना (२००३)
*अभिराम स्मृति पाठागार ट्रष्ट, भवानीपाटना (२००६)
* एवार्ड़् ऑफ एप्रिसिएशन् (जयदेव उत्सव-२००८)ओड़िशी एकाडेमी, लोधी मार्ग, नई दिल्ली
* १९८१ से ओड़िशा शिक्षा सेवा (ओ. ई. एस्.) में संस्कृत अध्यापक के रूप में योगदान । सरकारी पञ्चायत महाविद्यालय बरगड़ एवं फकीरमोहन महाविद्यालय बालेश्वर में अध्यापना के उपरान्त सम्प्रति सरकारी स्वयंशासित महाविद्यालय, भवानीपाटना में संस्कृत के वरिष्ठ रीडर एवं विभागाध्यक्ष के रूप में कार्यरत ।
 

प्रकाशित कृतियाँ-

(१) पीएच्. डी. शोधग्रन्थ “Philosophical Reflections in the Naisadhacarita”.
(२) मातृगीतिकाञ्जलिः (मौलिक संस्कृत गीतिकाव्य)
(३) नैषध-महाकाव्ये धर्मशास्त्रीय-प्रतिफलनम्
(४) साहित्यदर्पण – अळङ्कार
(५) श्रीकृष्ण-जन्म
(६) श्रीरामरक्षा-स्तोत्र (शिवरक्षा-स्तोत्र सहित अनुवाद)
(७) शिवताण्डव-स्तोत्र
(८) विष्णु-सहस्र-नाम
(९) गायत्री-सहस्र-नाम
(१०) मनोहर पद्यावली (संपादित)
(११) स्वभावकवि गङ्गाधर मेहेर-कृत ओड़िआ “तपस्विनी” काव्य का हिन्दी अनुवाद ।
(१२) स्वभावकवि गङ्गा्धर मेहेर-कृत "तपस्विनी" काव्य का अँगरेज़ी अनुवाद ।
* भर्त्तृहरि-शतकत्रय (नीतिशतक, शृङ्गार-शतक एवं वैराग्य-शतक) के
सम्पूर्ण छन्दोबद्ध ओड़िआ अनुवाद ।
* कविवर राधानाथ राय-कृत ओड़िआ कविता “बर्षा” का संस्कृत श्लोकानुवाद ।
* तपस्विनी-चतुर्थ सर्ग के अँगरेज़ी एवं संस्कृत पद्यानुवाद ।
* श्रीहर्ष-कृत नैषधचरित-नवमसर्ग का ओड़िआ पद्यानुवाद ।
* महाकवि कालिदास-कृत रघुवंश-द्वितीय सर्ग, कुमारसम्भव के प्रथम, द्वितीय, पञ्चम एवं सप्तम सर्गों का ओड़िआ पद्यानुवाद ।
* कोशली मेघदूत (कालिदास-कृत मेघदूत काव्य का सम्पूर्ण कोशली गीत रूपान्तर) ।
 

अप्रकाशित-

संस्कृत में - पुष्पाञ्जलि-विचित्रा, सारस्वतायनम्, सौन्दर्य-सन्दर्शनम्, सावित्रीनाटकम्, जीवनालेख्यम्, मौन-व्यञ्जना ।
ओड़िआ में - आलोचनार पथे, भञ्जीय काव्यालोचना, भञ्ज-साहित्यरे जगन्नाथ तत्त्व, घेन नैषध पराये, ओड़िआ रीति-साहित्यरे दार्शनिक-चिन्तन, निबन्धायन, कबिताबली, शिखण्डीकाव्य ।
अँगरेज़ी में - Poems of the Mortals, Glory.
हिन्दी में - हिन्दी-सारस्वती, कुछ कविता-सुमन ।
कोशली में - कोशली गीतमाला ।

अप्रकाशित (अनुवाद) -

संस्कृत से ओड़िआ - श्रीमद्भागवद्गी.ता, कुमारसम्भव, ऋतुसंहार, मेघदूत, रघुवंश ।
संस्कृत से हिन्दी - मातृगीतिकाञ्जलि- ।
संस्कृत से अँगरेज़ी - शिवताण्डव-स्तोत्र ।
ओड़िआ से हिन्दी - कवि गङ्गाधर मेहेर-प्रणीत ‘प्रणय-वल्लरी’, ‘अर्घ्यथाली’, ‘कीचकवध’ काव्य ।
ओड़िआ से अँगरेज़ी - कवि गङ्गाधर मेहेर-कृत 'अर्घ्यथाली' ।
ओड़िआ से संस्कृत - तपस्विनी, प्रणयवल्लरी, अर्घ्यथाली ।
संपर्क- डॉ. हरेकृष्ण मेहेर
रीडर एवं विभागाध्यक्ष
संस्कृत विभाग
शासकीय अधिशासी महाविद्यालय
भवानीपाटना, ओडिसा, 766001
फ़ोन- 06670-231591
मोबाइल + 91- 94373- 62962
ई-मेल [email protected] / [email protected]
website : http://www.hkmeher.blogspot.com

 

  

 
         
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