श्रेणियाँ

हाइकु

प्रकाशन :सोमवार, 30 जनवरी 2012

आके सूरज
नर्म गर्म करों से
जगाये हमें।

निशा अँधेरे
टाँके झाड़ फानूस
चाँद सितारे।

आँगन आस्मां
सजे दीये सितारे
झूमर चाँद।

जाता सूर्य दे
थाल भर सितारे
नभ को भेंट।

झाँके सूरज
बदली धुंध ओट
सर्द मौसम।
 
         
Bookmark and Share
टिप्पणी लिखें
 
वाक्यांश खोजें




Bing


Site Search Site Search
लेखागार (Archive)
लेखक की प्रविष्टियाँ

RoboForm: Learn more...