मूल्याँकन


अज्ञेय और उनकी पत्रकारिता
डॉ. परमात्मानाथ द्विवेदी



महातल के मौन में
अरुण शीतांश






पाश का पुनर्पाठ
विश्वजीत सेन



अरस्तू का त्रासदी विवेचन
डॉ.वीरेन्द्र सिंह यादव





दलित साहित्य का विमर्शीय तिलिस्म
डॉ. कुमारेन्द्र सिंह सेंगर




दलित लेखन का सौंदर्यशास्त्र
प्रो. ए. अरविदांक्षन













सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का मतलब
दयाकृष्ण विजयवर्गीय

आत्मजयी की भूमिका
कुँवर नारायण



कहानी और नारी
सुरेश तिवारी





1857 का सच
रमणिका गुप्ता

ग़ज़ल में व्यंग्य की धार
द्विजेन्द्र द्विज




बीसवीं शती का सर्वेक्षण
प्रभाकर श्रोत्रिय

नारी विमर्श
डॉ. अजित गुप्ता

संस्कृत पत्रकारिता की दुनिया
आचार्य डॉ.महेशचंद्र शर्मा

लघुकथा में सामाजिक बोध
रामेश्वर काम्बोज ‘हिमांशु’


कबीर का नारी संदर्भ*
डॉ. हरेन्द्र सिंह नेगी



लघुकथा का वर्तमान
सी.आर.राजश्री



कविता में हाट बाज़ार
परमानंद श्रीवास्तव







गीति-काव्य तथा प्रगीति-काव्य
डॉ. महेशचन्द्र शर्मा

हिन्दी उपन्यास और गाँधीवाद
डॉ. चंद्रकांत बांदिवडेकर








लघुकथा जीवन की आलोचना है
कमल किशोर गोयनका




   

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