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वर्ष-2, अंक-22, मार्च, 2008

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।। मूल्याँकन ।।

 

 युएसए का प्रवासी साहित्य

अमेरिका में हिंदी साहित्य


डॉ. अंजना संधीर


    “निकले गुलशन से तो गुलशन को बहुत याद किया

 धूप को छाँव को आँगन को बहुत याद किया।

घर जो छोड़ा तो हरेक चीज़ निगाहों में रही,

दर को दीवार को दरपन को बहुत याद किया।

जिक्र छेड़ा कभी सखियों ने जो झूलों का यहाँ,

मैंने परदेश में सावन को बहुत याद किया।

तुझको भी याद सताती है मेरी क्या मालूम

मैंने भाई तेरी दुल्हन को बहुत याद किया।

जिसके साये में मुझे चैन से नींद आती थी

मैंन अय माँ तेरे दामन को बहुत याद किया।
 

सन् 1995 जनवरी 15 को जब भारत भूमि से इस देश में आई तो भरे हुए मन से ये पहली ग़ज़ल लिखी थी। वतन को छोड़ किसी दूसरे देश में जाने की स्थिति परदेसियों से कोई पूछे-
“सज़ा-ए-सरुरोशी कुछ नहीं होती अरे मुंसिफ़।
वतन से दूर रहने की सज़ा संगीन होती है।”
 

तो संगीत सज़ा को काटते हुए प्रवासी अपने साथ जो लेकर जीते हैं वे हैं उनकी भाषा और संस्कृति के संस्कार । भाषा ही संस्कृति की संवाहक होती है जो व्यक्ति को पहचान देती है। अमरीका आकर यहाँ के रंग-ढंग में अपने को ढालते हुए अपनी भाषा को बचाये रखने के प्रयास व्यक्ति करता रहता है। एक कवि हृदय लिये इस देश में आई थी मैं। सोचा देखूँ यहाँ कैसा साहित्य लिखा जा रहा है।
 

मन को लगे सांस्कृतिक आघार से आहत मन ने कवियों को खोजना आरंभ किया और दो वर्ष की खोज के बाद अमरीका के 22 हिंदी कवियों को मैंने खोज निकाला और “प्रवासी हस्ताक्षर” पुस्तक का सम्पादन प्रकाशन किया। इस पुस्तक से पहले सन् 1994 में विश्वा तेरे काव्य सुमन” नाम से अंतर्राष्ट्रीय हिंदी समिति के द्वारा श्री गिरीश जौहरी के सम्पादन में यह संग्रह प्रकाशित हुआ था जिसमें भारत व अमरिका के उन कवियों की कविताएं थीं जो विश्व में प्रकाशित होते थे। उसमें सिर्फ कविताएं थीं, लेकिन पहली बार व्यक्तिगत रूप से निकले इस संकलन में सिर्फ अमरीका के 22 हिंदी कवि कवयित्रियों व उनका परिचय तथा सम्पर्क सूत्र भी प्रकाशित हुए। जिसे मैंने प्रकाशित किया था। इस संग्रह का बहुत स्वागत हुआ, अच्छी समीक्षाएं प्रकाशित हुई। इसके प्रकाशन ने अमरीकी हिंदी कवियों में एक हचलच पैदा की, सब एक दूसरे से जुड़ने लगे व कुछ कवियों ने अपने कविता संग्रह भी प्रकाशित करवा डाले।
 

सन् 2001 में पहली बार अमरीका से सिर्फ़ कश्मीर पर लिखी गई कविताओं का संग्रह “ये कश्मीर है” का मैंने सम्पादक किया। इस संग्रह के लिए अमरीका में स्थायी 23 हिंदी कवियों ने मार्मिक कविताएं लिखीं। वैसे तो हिंदी साहित्य में कश्मीर पर बहत कुछ लिखा गया है, लेकिन ऐसा एक भी काव्य संग्रह प्रकाशित नहीं था जिसमें सिर्फ़ कश्मीर पर कविताएं हों। कश्मीर में शांति की उम्मीद के नाम ‘समर्पित इस संग्रह ने लोगों को अमरीका के हिंदी साहित्य के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया । तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने इस पुस्तक के लिये मुझे बधाई पत्र लिखा। इस संग्रह के प्रकाशन के बाद सन् 2003 में भारत से कश्मीर पर पहला काव्य संग्रह ‘दुख विस्तार का’ प्रकाशित हुआ जिसमें हिंदी साहित्य के बड़े-बड़े कवियों ने कविताएं लिखी।
 

इस संग्रह के प्रभाव से सन् 2002 में तीन संग्रह अमरीका के विभिन्न राज्यों से प्रकाशित हुआ। 1. दिशांतर-वाशिंगटन डी.सी से प्रकाशित हुआ जिसके सम्पादक श्री धनंजय कुमार गुलशन मधुर व मधु माहेश्वरी थे। इस संग्रह में परिचय व कविताओं के साथ कहानियाँ, लेख व उपन्यास अंश भी प्रकाशित किए गए । इसी वर्ष जुलाई 2002 में नार्थ कैरोलिना से डॉ. सुधा ओम दींगरा द्वारा ‘मेरा दावा है’ सम्पादित व प्रकाशित हुआ जिसमें किवताओं, परिचय के साथ-साथ कवियों की तस्वीरें भी प्रकाशित हुई। अक्टूबर 2002 में मेरे द्वारा सम्पादित सात समुंदर पार से” संग्रह का सम्पादन हुआ जिसे विश्व हिंदी समिति न्यूयार्क ने समिति के संस्थापक स्व. श्री रामेश्वर अशांत को श्रदांजलि स्वरूप प्रकाशित किया । 26 अक्टूबर 2002 को दो स्थानों दो देशों में एक ही दिन इस का लोकार्पण हुआ दिल्ली व न्यूयार्क में । न्यूयार्क के हिंदी सेंटर सभागार में इसका विमोचन एक यादगार समारोह रहा। इस संग्रह मे 46 कवियों की कविताएं, परिचय, तस्वीर व रचना प्रक्रिया शामिल हुई व अंत में इन रचनाकारों की प्रकाशित पुस्तकें की यादें भी प्रकाशित की गईं।
 

उसके बाद सन् 2003 में न्यूजर्सी से हिंदी यूएसए के तत्वाधान में 'पश्चिम में पुरूवाई' प्रकाशित हुई जिसके दो संपादक थे। इसमें कवितायओं का परिचय, तस्वीरें, कविताएं शामिल थीं । सन् 2005 में इन्डो- अमरीकन लिटरेरी संस्था न्यूजर्सी द्वारा सर्व भाषा सरस्वती शीर्षक के अन्तर्गत “एन्थोलॉजी 2005” प्रकाशित की गई जिसमें पहली बार हिंदी, गुजराती, अँगरेज़ी व मराठी के कवियों का परिचय व कविताएं पहली बार एक साथ प्रकाशित हुई। श्री चंद्रकांन्त देसाई इस एन्थोलॉजी के प्रमुख सम्पादक थे। हिंदी विभाग के सम्पादन में डॉ. गोवर्धन शर्मा तथा में शामिल थीं ।
 

इसके बाद सन् 2006 में मेरे द्वारा सम्पादित-प्रकाशित पुस्तक ‘प्रवासिनी के बोल’ आई। पहली बार सिर्फ़ महिला रचनाकार जो इस देश में इतनी मशीनी ज़िंदगी जीते हुए भी अपनी संवेदना को बनाए हुए हैं, उनकी रचनाओं का संग्रह प्रकाश में आया। इसके प्रथम भाग मे 81 कवयित्रियों की कविताएं, परिचय, तस्वीरें, रचना प्रक्रिया तथा हिंदी भाषा उनके लिये क्या है इस पर उनके विचार प्रकाशित हुए । इसके दूसरे भाग में 33 अमरीकी हिंदी महिला प्रतिभाएं शामिल हैं व तीसरे भाग में अब तक महिला रचनाकारों की प्रकाशित पुस्तकों की यादें शामिल हैं। 622 पृष्ट के इस ग्रंथ का विमोचन क्वींस बोरो पब्लिक लायब्रेरी की न्यू अमरीकंस प्रोग्राम द्वारा आयोजित किया गया। जैक्सन हाइटस क्वींस लाइब्रेरी के सभागार मे 9 दिसंबर 2006 को प्रोग्राम के अध्यक्ष श्री फ्रेड गिटनर ने स्वयं इस पुस्तक का विमोचन किया। किसी हिंदी रचनाकार के लिये ये सौभाग्य की बात है कि उसकी भाषा का इस तरह सम्मान हुआ। इस कार्यक्रम में 116 वर्षीय योग शिक्षक स्वामी बुआजी के हाथों मंगल-दीप प्रकट हुआ व कार्यक्रम में पधारी महिला रचनाकारों को शाल ओढ़ाकर उन्होंने सम्मानित किया।
 

इस संक्षिप्त जानकारी देने के पीछे मेरा आशय ये है कि ढूँढ़ते-ढूँढ़ते मैंने पाया कि इस देश में जहाँ न वातावरण है, न परिस्थितियाँ अनुकूल हैं फिर भी भारतीय रचनाकार, माँ सरस्वती के पुत्र अपनी भाषा में काव्य, कहानियाँ, उपन्यास लिख साहित्य सृजन में व्यस्त हैं। उनके लिये प्रकाशन प्रक्रिया कितनी मुश्किल है फिर भी उनकी पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। ये अमरीकी प्रवासी हिंदी रचनाकार भी हिंदी साहित्य का एक महत्वपूर्ण अंग हैं। देखें उनकी प्रकाशित पुस्तकों की सूची जो इस प्रकार है-

01. डॉ. अंजना संधीर

0 अमरीका हड्डियों में जम जाता है- काव्यसंग्रह
0 अमरीका अस्थि कालो मामेकमा पीये- तेलुगु अनुवाद
0 लर्न हिंदी एन्ड हिंदी फ़िल्म सोंग्स-प्रथम आवृति 2003
0 लर्न हिंदी एन्ड फिल्म सोंग्स-सी.डी. के साथ जिसे न्यूयार्क लाइफ़ इन्श्योरेंश कंपनी ने प्रकाशित किया है- द्वितीय संस्करण 2004 (10 हजार प्रतियाँ व 10 हजार सी.डी.) अमरीका में मुफ़्त वितरण
0 अमरीका एक अनोखा देश- संदर्भ ग्रंथ
0 बारिशों का मौसम- ग़ज़लसंग्रह
0 धूप छाँव और आँगन- ग़ज़लसंग्रह
0 तुम मेरे पापा जैसे नहीं हो- काव्यसंग्रह
0 प्रवासी हस्ताक्षर- अमरीका के 22 हिंदी कवियों की कविताएं सम्पादित
0 इज़ाफ़ा – ग़ज़ल संग्रह उर्दू से हिंदी मे लिपियंत्रण, सम्पादन
0 यादों की परछाइयाँ- उर्दू से हिंदी में अनुवाद
0 ये कश्मीर है- अमरीका से हिंदी में कश्मीर पर कविता संग्रह सम्पादित
0 सात समुन्दर पार से- अमरीका के 46 हिंदी कवियों की कविताएं।
0 प्रवासिनी के बोल-सम्पादित काव्य संग्रह जिस में अमरीका हिंदी कवयित्रियों की सचित्र 8 कविताएं व 33 हिंदी महिला प्रतिभाओं का सचिव परिचय प्रकाशित है।
0 संगम-डॉ. अंजना संधीर की कविताएं और ग़ज़लें
02.अनंत कौर- रायगाँ नहीं हूँ मैं
03.अंशू जौहरी-शेषफिर- कहानी संग्रह
04.डॉ. अब्दुला- रेत की लहरें- (काव्य संग्रह)
05.अगस्त्य कोहली-बैसिक फोर बिगिनर्स-हिंदी पुस्तक
06.अफरोज ताज- कम्पैनियन ऑफ तन्हाइयाँ
07.अमरजीत अंजान- सौगात-काव्य संग्रह
08.अमरेन्द्र कुमार- चूड़ीवाला और अन्य कहानियाँ (कहानी संग्रह)
09.अशोक व्यास- शरत के पत्ते तथा अनन्त की आहट-स्वामी ईश्वरानंद गिरी की पुस्तकों को अनुवाद व प्रकाशन।
10.डॉ. अशोक सिन्हा- उमर खैय़ाम की रूबाइयों का हिंदी अनुवाद-उमर खैयाम की रूबाइयाँ, उमर खैयाम की नई रूबाइयों, श्रीमद भगवद गीता का हिंदी पद्यानुवाद बूंद-काव्य संग्रह, पुण्य धन्वो-खण्ड काव्य, सुबह का भूला-लघु नई कविता पुरानी कविता-रेडियो रूपक संग्रह।
11.आदित्य नारायण शुक्ला – प्रधानमंत्री की प्रेमिका, मरुभूमि पर बहार, अभिनेत्री का पत्र- कहानी ।
12.आदिल मंसूरी- हश्र की सुबह दरख्शां हो-काव्य संग्रह
13.आर्यभूषण- नहले पे दहला
14.अनुराधा चंदर- कुछ कहता है मेरा मन-काव्यसंग्रह, अतुल अरोरा-लाइफ इन ए एचओवी लेन-संस्मरण।
15.डॉ. इन्दुकान्त शुक्ला- कली क्या है तालस्ताय अनुवाद

0 जय हिंदी- गाँधी गान-काव्य संग्रह 0 कुंभी लेखाख्यान-हिन्दी साहित्य में तस्कर वृत्ति 0 शिराएं ये अनल चंचल-काव्य संग्रह 0 सागर बेली-काव्य संग्रह 0जहाँ ये दिगंत-काव्य संग्रह 0 श्मीमी-नीग्रो कविताओं का अनुवाद

16.उत्कर्ष राय- रेतीला सफ़र-उपन्यास
17.उमेश अग्निहोत्री- गॉड गिवन फेमिली-कहानी संग्रह
18.डॉ. उषा गुप्ता-
0 हिंदी के कृष्ण भक्तिकालीन साहित्य में –काव्य विवेचन, गद्य पीयूष, रस छन्द, अलंकार, प्रकाश तथा नई प्रतिभाएं।
0 अमरीकी प्रवासी भारतीय-हिंदी प्रतिभाएं प्रथम खण्ड।
0 अमरीकी प्रवासी भारतीय-हिंदी प्रतिभाएं द्वितीय खण्ड।
19. डॉ. उषादेवी विजय कोलहाटकर-
0 चाबी का गुङ्डा- कहानी संग्रह
0 अंधेरी सुरंग में- कहानी संग्रह
0बटर टॉफी और बूढ़ा डालर- कहानी संग्रह
0 जमी हुई बर्फ तथा खोया हआ किनारा- उपन्यास
20. डॉ. उषा प्रियंवदा-
0 पचपन खंभे लाल दीवारें- उपन्यास
0 रुकेगी नही राधिका- उपन्यास
0 शेषयात्रा- उपन्यास
0 अंतर्वशी- उपन्यास
0 ज़िन्दगी और गुलाब- कहानी संग्रह
0 कोई एक दूसरा तथा मेरी प्रिय कहानियाँ
21. उषा श्रीवास्तव- श्रद्धाँजलि-ईश्वर के प्रति कुछ भावनाएं

22. ओम प्रकाश गौड़ प्रवासी-

0 गीत किसी के - काव्य-संग्रह

0 राधिका- खंडकाव्य

0 प्रेयसी- महाकाव्य
23. डॉ. कमला दत्त- मच्छली सलीब पर टंगी- कहानी संग्रह
24. डॉ. कमल चौहान कोठारी- तृप्ति-काव्यसंग्रह
25. डॉ कमलेश कपूर-
0 अस्तित्व के परमाणु- कविता संग्रह
0 पट पर तीन छाया- कहानी संग्रह
0 श्रीमद् भगवत गीता का अँगरेज़ी अनुवाद
26. कल्पनासिंह चिटनिस-
0 चाँद का पैबंद- काव्य संग्रह
0 निशांत- काव्य संग्रह
0 तफ़्तीश जारी है- काव्य संग्रह
26. कुसुम टंडन- कुछ मेरी सुनो कविताएं व लेखों का संग्रह
27. कुसुम सिन्हा- भाव नदी से कुछ बूंदें- काव्य संग्रह
28. कैलाशनाथ तिवारी-चेहरे अपने-अपने-कहानी संग्रह,प्रवासी के स्वर-काव्यसंग्रह,ज़िंदगी की राह तथा पुकार, उर्मियों, बाल फुलवारी-बाल गीतों का संग्रह।
29.गुलाब खण्डेलवाल-
काव्य संग्रह कविता- मेरे भारत मेर स्वदेश, रूप की धूप, गांधी भारती, सीपी रचित रेत, नूपुर बंधे शब्दों से परे, व्यक्ति बन कर आ, बूंदें जो मोती बन गई, कस्तूरी कुंडल बसे, ऊसर का फूल, नये प्रभाव की अंगड़ाइयाँ, चंदन का कलम शहद मे डुबो-डुबो कर, आधुनिक कवि-19, गुलाब ग्रंथावली- पाँच-खंड, देश विराना है, अंत सलिला, प्रेम वीणा, कालजयी, दिया जग को तुझे से जो पाया। गीत संग्रह- चाँदनी, आयु बनी प्रस्वातना, सब कुछ कृष्णार्पणम्, हम तो गा कर मुक्त हुए, कितने जीवन कितनी बार, नाव सिंधु में छोड़ी, गीत वृंदावन, सीता वनवास, तिलक करें रघुवरी, भक्ति गंगा, नहीं विराम लिया है, तुम्हें पाया अपने को खोकर, मेरे गीत तुम्हारा स्वर हो। महाकाव्य- उषा ग़ज़ल संग्रह- सौ गुलाब खिले, पंखुरिया गुलाब की, कुछ और गुलाब, हर सुबह एक ताज़ा गुलाब । काव्य नाटक- बलि निर्वास। गीत नाटय-गीता रत्नवलि। नाटक- राजा राजेश्वर अशोक, भूल।
31. चेतना मेहरोत्रा- आशक्ति- काव्य संग्रह
32. स्व. जयंती राय- अनुभूति के दो स्वर- काव्यसंग्रह
33. जगदीश रूस्तोगी- सिकरी से सनीवेल तक- संस्मरण
34. डॉ. तरुण कोठारी- तृप्ति- काव्य संग्रह
35. स्व. तुलसी जयरामन-
0 मेरे चिंतन की धारा-लेखों का संग्रह
0‘रामायण’ बच्चों को लिये
0 नौ गांधी इन वन हंड्रेड वेज
0 तमिल के संत अरुणगिरिनाथन के तमिल काव्य ‘कन्दरनुभूति’ का हिंदी काव्य भावानुवाद ‘स्कन्दानुभूति’ नाम से प्रकाशित।
36. देवी नागरानी- गम में भीगी खुशी, व चिरागे दिल- दोनों ग़ज़ल संग्रह
37. देवेन्द्रनारायण शुक्ला- प्रवासी-हास्य व्यंग्य की कविताओं का संग्रह, दुरिहा छुट गे गाँव-काव्यसंग्रह, छत्तीसगढ़ी में
38.धनन्जय कुमार- अधूरी बात-काव्य, बर्फ की दीवार-काव्य, दिशान्तर-सम्पादित काव्य संग्रह
39. नीलू गुप्ता-
0 “छज्जू का चौबारा” में पढ़ी गई, हिंदी रचनाओं का संग्रह
0 सरलता से हिंदी कैसे पढ़ाई जाए- पाँच पुस्तकें प्रकाशित
0 सान्टा क्लारा काऊंटी कैलिफोरनिया की रिसोर्स गाइड का हिंदी अनुवाद
0अमरीकी नागरिकता प्राप्त करने के लिए जो पुस्तक है उसका हिंदी अनुवाद किया।
0 सरल हिंदी व्याकरण
40. नरेन्द्र सिन्हा- अधूरे सपने-कहानी संग्रह, परम्परा-संस्मरण
41.डॉ. प्रतिभा सक्सेना-
0 सीमा का बंधन- कहानीसंग्रह
0 घर मेरा है- लघुउपन्यास

0 उत्तरकथा- काव्यरचना
0 फैसला सुरक्षित है (कुछ हास्य, कुछ व्यंग्य रचनाओं का संग्रह)
42. डॉ. पी. जयरामन-
0कवि सुब्रमणिय भारती तथा सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ के काव्य का तुलनात्मक अध्ययन (पी.एच.डी शोध प्रबंध)।
0 भक्ति के आयाम(उत्तर एवं दक्षिण के कृष्ण भक्ति संप्रदायों तथा साहित्य का तुलनात्मक अध्ययन –डी. लिट् शोधप्रबन्ध पर आधारित।
0 कविश्री भारती (सुब्रमणिय भारती की चुनी हुई तमिल कविताओं का हिंदी पद्य रूपान्तर-भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत।
0 पुरनानुरु (प्राचीन तमिल काव्य) की कथायें,
0 स्व. अखिलन के तमिल उपन्यास ‘चित्तिरप्पानै’का हिंदी रूपान्तर ‘चित्रित प्रतिमा’ के नाम से (नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित)
0 चिन्मय काव्य (योगी श्री चिन्मय की चुनी हुई अँगरेज़ी कविताओं का हिंदी पद्य रूपान्तर)
0 शिलम्बु (नूपुर)-तमिल नाटक-प्राचीन तमिल महाकाव्य ‘शिलप्पधिकारम्’ पर आधारित।
0 तमिल-हिंदी स्वयं शिक्षक (केन्द्रीय हिंदी निदेशालय का प्रकाशन) ।
0 हिंदी व्याकरण (तमिल में)
0 ए कोर्स इन हिंदी (द्वि-भाषिक) –आहिंदी भाषा भारतीयों एवं गैर भारतीयों को हिंदी सिखाने के लिए पाठ्य पुस्तक।
0 भारतीय बैंकिग क्षेत्र में हिंदी के प्रभावी प्रयोग की दिशा में भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से कार्यालयीन शब्दावली, बैंकिंग शब्दावली (अँगरेज़ी-हिंन्दी), बैंकिग शब्दावली हिंदी-अँगरेज़ी तथा बैंकिंग उन्मुख हिंदी पाठ्यक्रमः पहला एवं दूसर तैयार किया।
43.प्रीतिसेन गुप्ता-
0 खंडित आकाश, ओ जुलियट तथा सात खण्ड, सात सौ इच्छा काव्य संग्रह।
0 “अवर इंडिया” 481 सुंदर रंगीन तस्वीरों में भारत दर्शन।
44. डॉ. प्रेमलता वैष्णव ‘पिंकी’
सम्पादित संग्रह- 0 सर्वश्रेष्ठ हास्य कथायें 0 कालजयी प्रेम कथायें तथा 3. हिंदी के श्रेष्ठ गीत।
45.पुष्पा सक्सेना
0अलविदा, असके हिस्से का पुरुष, सूर्यास्त के बाद, उसका सच, पीले गुलाबों के साथ एक रात, एक नया गुलाब (A Bond of love अँगरेज़ी अनुवाद), महक कहानी संग्रह
0 पछतावा (प्रेमचन्द की कहानी का सरल रंपांतर)
0 वह सांवली लड़की, ऋचा,लौट आओ तुम-उपन्यास नाटक संग्रह, अनारकली का चुनाव, नन्हें इन्द्रधनुष (बाल-नाटक)
46. पूर्णिमा गुप्ता-
0 ‘उड़ान-पूर्णिमा’ गुप्ता की भारत से अमरीका तक-कहानी संग्रह
0 परदेसन-काव्य संग्रह
0 मेरे अरमान – कहानी न कविता का मिलाजुला संग्रह।
47.पूर्णमा ए. देसाई-
0 राष्ट्रांजलि-गीतसंग्रह
0 शारदांजलि
* शिवांजलि-शिव महिमा के श्लोक, गीत और लेख
0 गिव और गैट आल-कहानी संग्रह बच्चों के लिये।
48. डॉ. भूदेव शर्मा- अदभूत गणितज्ञ श्री निवास रामानुज।
49. रचना रम्या- दिग्भ्रमित – उपन्यास
50. रजनी कुलकर्णी- भीनी-भीनी यादें।
51.डॉ. रजनीकान्त लहरी- ममता तथा अन्य कहानियाँ।
52. राजश्री- उमगते निर्झर- कहानी व कविता संग्रह) क्षितिज की संतान-उपन्यास।
53. डॉ. रामदास चौधरी- भारतीय अस्मिता के अग्रदूत ।
54. डॉ. आर.डी. एस ‘माहताब’- धूप छाँव तथा गरदो-गु&