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नाम-
त्रिलोचन (शास्त्री उपाधि)
त्रिलोचन नाम गाँव के संस्कृत गुरु श्री देवदत्त ने पहले ही
दिन दे दिया। गुरु श्री देवदत्त अपनी जाति तिवारी नहीं लिखते
थे। उन्होंने निर्देश दिया कि
‘त्रिलोचन’
के साथ
‘सिंह’
कभी भी मत जोड़ना ।
मूलनाम-
वासुदेव सिंह
जन्म-
विक्रम संवत् 1974 के अधिक भाद्र शुक्ल, तृतीय
सोमवार-तदनुसार-20 अगस्त 1917
स्थान-
चिरानीपट्टी, कटघरापट्टी, जिला-सुल्तानपुर (उ.प्र)
शिक्षा-
चिरानीपट्टी, दोस्तपुर और बनारस में, साहित्यरत्न, एम.ए.
(प्रथम वर्ष) बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय।
दादा-
श्री बलिराम सिंह
दादी-
श्रीमती रजासी (राज्यश्री)
पिता-
श्री जगरदेव सिंह
माता-
श्रीमती मनबरता देवी
विशेष-
पिता की लम्बाई सात फित तीन इंच और माँ छोटे कद की।
गुरु-
श्री
दामोदर लाल शास्त्री, काशी
पत्नी-
श्रीमती जयमूर्ति देवी (निधन-
‘सागर’में
19 दिसम्बर 1988)
विवाह-
त्रिलोचन की उम्र उस समय 11 वर्ष, पत्नी 4-5 साल बड़ी थीं।
बहनें-
त्रिलोचन से दो बड़ी-मर्यादा, नन्हका, एक छोटी उपेहा।
भाई-
दो बड़ी भाई रामसरन सिंह (निधन 12वर्ष) और रामफेर सिंह (निधन-8
वर्ष की आयु में), एक छोटे भाई भगवती सहाय वर्मा (जन्म 1923,
निधन 9 अप्रैल 1992)
दो पुत्र-
1
डॉ. जयप्रकाश सिंह /
पुत्र वध-ऊषा (जिरहट आसाम)।गायत्री सिंह (पौत्री), रिपुजय सिंह
(पौत्र), मृगांका सिंह (पौत्री) 2. श्री अमित प्रकाश सिंह
/
पुत्र वधू (ज्वालापुर-हरिद्वार) अर्दीश (पौत्र),पंखुड़ी
(पौत्री)
पत्रकारिता-
प्रभाकर, हंस, आज, चित्ररेखा,
समाज आदि पत्र-पत्रकाओं में ।
अकादमिक
कार्य-
अध्यक्ष,-मुक्तिबोध सृजन
पीठ, सागर विवि, सागर । विजिटिंग प्रोफ़ेसर- हिंदी-अलीगढ़
मुस्लिम विवि, अलीगढ़ । संपादक-भाषा, हिंदी ग्रंथ अकादमी,
भोपाल ।
पुरस्कार-
-1981-साहित्य
अकादमी पुरस्कार (ताप के ताए हुए दिन2,1983-83 उ.प्र. हिन्दी
संस्थान द्वारा सम्मान पुरस्कार(‘दिगन्त’
तथा ‘गुलाब
और बुलबुल’
कृतियों पर)
सम्मान-
1.
1957-58 - उ.प्र. हिंदी समिति
पुरस्कार
2.
1981 - साहित्य अकादमी
पुरस्कार
3.
1984 - उ.प्र. हिंदी साहित्य
संस्थान सम्मान
4
9 फरवरी 1990 - हिन्दी कविता के लिए म.प्र. का
‘मैथिलीशरण
गुप्त सम्मान’
5 1989-90 - हिन्दी अकादमी, दिल्ली का शलाका सम्मान (मार्च
1992 में प्रदत्त)
6. 1993 - भवानी प्रसाद
मिश्र राष्ट्रीय पुरस्कार
7. अन्य - म.प्र. साहित्य
परिषद सम्मान, भारतीय भाषा परिषद सम्मान, कोलकाता द्वारा
कविता, भाषा तथा पत्रकारिता हेतु विशेष रूप से सम्मानित ।
प्रकाशित कृतियाँ-
धरती-
(1945) दूसरा संस्करण-1977-नीलाभ प्रकाशन-इलाहाबाद
गुलाब और बुलबुल- (1956) दूसरा संस्करण-वामी प्रकाशन-नई
दिल्ली
दिगन्त-
(जनवरी 1957) प्रकाशक- जगत शंखधर, वाराणसी
ताप के ताए हुए दिन- (1980) संभावना प्रकाशन-हापुड़
शब्द-
(1980) वाणी प्रकाशन-नई दिल्ली
उस जनपद का कवि हूँ- (1981) राधाकृष्ण प्रकाशन
–
नई दिल्ली
अरधान-
(1983) यात्री प्रकाशन-दिल्ली
अनकहनी भी कुछ कहती है- (1985) राधाकृष्ण प्रकाशन-नई दिल्ली
तुम्हें सौंपता हूँ-
(1985) राधाकृष्ण प्रकाशन-नई दिल्ली
फूल नाम है एक-
(1985) राजकमल प्रकाशन-नई दिल्ली
प्रतिनिधि कविताएँ- (1985) संपादक-केदारनाथ सिंह-राजकमल
प्रकाशन-नई दिल्ली
दिशकाल (कहानी संग्रह)
-
(1986)राधाकृष्ण प्रकाशन-नई दिल्ली
सबका अपना आकाश-
(1987)
चैती-
(1987) वाणी प्रकाशन-नई दिल्ली
अमोला-
(1990) वामी प्रकाशन-नई दिल्ली
रोजनामचा(डायरी) -
(1993)वाणी प्रकाशन-नई दिल्ली
जीने की कला- 1984
(काव्य संग्रह)
कार्य /
व्यवसाय-
1930 से 35- प्राइवेट शिक्षक,पत्रकार।
1939 से 41- ‘कहानी
मासिक’
बनारस में
1983 में 59- ‘हंस’
तथा चित्ररेखा मासिक में तथा ज्ञानमंडल काशी के वृहद हिन्दी
कोश में।
1952-53-गणेशराय इंटर कालेज डोमी, जौनपुर में अँग्रेज़ी
शिक्षक।
1953-54-हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग के
‘हिन्दी-अँग्रेज़ी
मानक कोश’
में ।
1954 से जून 1959-हिन्दी शब्द सागर, संशोधित परिवर्द्धित
संस्मरण में।
1956-राँची के राष्ट्रीय प्रेस में प्रबंधक।
1960 से 1067-‘हिन्दी
शब्द सागर’
में कार्य।
1968 से 1972- विदेशी छात्रों को हिन्दी तथा भारतीय भाषाओं का
अध्यापन।
1972 से 1975-दैनिक ‘जनवार्ता’
बनारस में सहायक संपादक।
मई 1978 से मार्च 1984-उर्दू-हिन्दी द्वैभाषिक कोश परियोजना।
उर्दू विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय। डॉ.हरिसिंह गौर
विश्वविद्यालय, सागर (म.प्र.)
11 नव.92से 31 मई 1992 तक-विजिटिंग प्रोफेसर हिन्दी विभाग,
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय,अलीगढ़
1992 से अगस्त1995 तक-दिल्ली विश्वविद्यालय, उर्दू विभाग
द्वारा निर्माणाधीन ‘फारसी-हिन्दी’
कोश में कार्यरत रहे।
28 दिसम्बर 1995 से-पुनः
‘अध्यक्ष’
मुक्तिबोध सृजनपीठ, डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर
(म.प्र.)
स्वर्गवास- दिसम्बर, 2007
निवास(जीवन-काल
में)-
एफ-667, सेक्टर-3, वैशाली,
गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश
देहावसान-
9 दिसम्बर, 2007(रविवार,
गाजियाबाद, निवास स्थान)
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