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जग जा तू
मुर्गा करता कुक - डूं - कूं
भोर हुई अब जग जा तू ।
बच्चे बोले,
अरे सोने दे
हमें सपनों में खोने दे ।
शोर मचाता है तू क्यों
?
चिड़िया गाती चीं-चीं-चीं ।
खुशियों से जी भर लो जी
बच्चे बोले चुप हो जा
सोने दे हमें जा-जा-जा
मुर्गा तो शोर मचाती है
बाज़ न आए क्यों तू भी
?
कउआ बोला काएँ-काँए
सोया पडा है हाय-हाय
अब तक़दीर तुम्हारी सो जाएगी
कर देगी तुम्हें बाय-बाय
बच्चे बोले न-न-न
भैय्या ऐसा करना न
ताजा तन और मन पायेंगे
बस माफ़ हमें तू कर दे न ।।
तोता बोला टाएँ-टाएँ
चलो अपने-अपने काम पे जाएँ
जग के ज़ल्दी सुबह सवेरे
ताज़ा तन और मन पाएँ
स्कूल में पढना एबीसी
बात जो मेरे साथी बतलाएँ
चलना इन पे न टलना जी ।।
सुशील कुमार पटियाल
गाँव मसलाणा खु्र्द,
डाक घर झञ्जियाणी
तहसील बडसर,
जिला हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश
- १७४३०५
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