|
|
|
||||||||||
|
|
|||||||||||
|
|
||||||||||||
|
उ
फिर कहानी उन्हें सुना देखें सुल्तान अहमद
जो नहीं आये बाज़, हैं को सही । चंद आईनासाज़ हैं तो सही ।
तुमको इस तह से वो दिखें न दिखें दूर आँधी में बाज़ हैं तो सही ।
देखिए कितने काम आते हैं हाथ उनके दराज़ है तो सही ।
फिर कहानी उन्हें सुना देखें हमसे वो बेनियाज़ है तो सही ।
झील, तालाब, पेड़, ख़ामोशी कोई छेड़ो कि साज़ हैं तो सही ।
तुम भी चाहो तो खोल सकते हो मेरे शेरों में राज़ हैं तो सही ।
174/1075, मोरारजी चौक बापूनगर, अहमदाबाद, गुजरात
|
|
|
||||||||||
|
|
||||||||||||
|
||||||||||||