विश्वरंजन की तीन कविताएँ
भारत माता की जय
मेरा मन है आप को मार डालूँ
मेरे पास छुरा है
मेरे पास धर्म है

आपके पास भी है
पर वह मेरा धर्म नहीं है
और मेरे पास छुरा है लंबा-सा
आपके पास भी है
पर मेरा ज्यादा लंबा है
मैं आपको आसानी से मार सकता हूँ
आप नहीं
आप कम भी है
हम ज्यादा भी
किसी के बाप का क्या जाता है
मेरा मन है आपको मारने का
मुझे लाल रंग पसंद है
और आपका खून लाल रंग का है
और आपका धर्म भी दूसरा है
मैं आपकी बीवी को चीर कर रख दूँगा
मुझे अच्छा लगेगा
आप बच गये तो दूसरी शादी रचा लेना
मुझे आग भी पसंद है
मेरे पास दियासलाई भी है
आपका घर भी है
बगल में पेट्रोल पंप
और फिर आपका धर्म भी अलग है
और यदि खुदा-ना-खास्ता आप बच जायें
आपकी पत्नी बच जाये
आपका घर बच जाये
तो हम आपके घर ज़रूर आयेंगे
चाय पीयेंगे
भजिया खायेंगे
गप्पे उड़ायेंगे
“टंडन जी की लड़की को वह ले उड़ा”
बातें करेंगे
हम हिंदुस्तानी है
भारतवासी हैं
भाई-भाई हैं
आपके घर मेरा आना भला किसी को क्यों बुरा लगेगा
अब हम विश्व शांति के लिए दो मिनट का मौन रखेंगे
भारत माता की जय !
भारत माता की जय ! !
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